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खुलासा: कैंटीन कर्मचारी ने की थी आगरा सदर तहसील की तिजोरी से 4.67 लाख की चोरी, दोस्तों के साथ कर रहा था पार्टी

Sun, 13 Jun 2021 06:54 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

उप महानिरीक्षक निबंधन एमके सक्सेना ने बताया कि 4.67 लाख रुपये चोरी हुए 
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कोरोना मरीज मिलने के बाद सदर तहसील को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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आगरा सदर तहसील के सब रजिस्ट्रार चतुर्थ के कार्यालय की अलमारी से 4.67 लाख रुपये की चोरी कैंटीन के कर्मचारी ने की थी। पुलिस ने कुछ संदिग्धों से पूछताछ की थी। इसमें कैंटीन कर्मचारी का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन वो फरार हो गया। पुलिस गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।

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12 अप्रैल को सदर तहसील में सब रजिस्ट्रार चतुर्थ के कार्यालय में चोरी हुई थी। मुख्य गेट का शीशा निकालकर अंदर घुसे चोर ने चाबी से अलमारी खोल ली थी। इसके बाद अलमारी में रखा 4.67 लाख रुपये से भरा बक्सा चोरी कर लिया था। घटना की जानकारी पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए, जिनमें एक चोर अंदर घुसता और बाहर निकलता नजर आया। उसका चेहरा साफ नहीं दिख रहा था। उसकी पहचान के प्रयास किए जा रहे थे। थाना शाहगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सिंह राघव ने बताया कि जिस तरह से चोरी को अंजाम दिया गया, उससे चोरी किसी जानकार के ही करने की आशंका जाहिर की गई थी। फुटेज में दिखने वाले चोर की पहचान के लिए कार्यालय के ही कर्मचारियों से पूछताछ की गई। 32 से अधिक अधिकारियों से पहचान कराई गई।
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पूर्व कर्मचारियों के बारे में भी पता किया गया। वहीं तहसील से जुड़े लोगों के बारे में भी पता किया गया। तीन दिन बाद ही सामने आया कि रोहता का रहने वाला एक युवक तहसील की कैंटीन में काम करता है। वह अपने दोस्तों पर रुपये खर्च कर रहा था। इस पर युवक की तलाश की गई, लेकिन वह फरार हो गया। बाद में पुलिस ने युवक के दोस्तों को उठा लिया। इसमें पुलिस को पता चला कि कैंटीन कर्मचारी ने ही चोरी की है। कैंटीन कर्मचारी अभी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। रकम बरामदगी के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
 

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दोस्तों के साथ हर शाम कर रहा था पार्टी
थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सिंह राघव ने बताया कि आरोपी युवक कैंटीन में पांच साल से काम कर रहा था। वह कार्यालयों में कर्मचारियों और अधिकारियों को चाय और नाश्ता देने जाता था। इस कारण कर्मचारी उससे बात करते थे। इस दौरान अपनी फाइलें अलमारी में भी रखवाने लगे। इससे उसे अलमारी में रुपये होने के बारे में पता चल गया। उसे यह भी पता था कि चाबी कहां पर रखी है। चोरी के बाद उसने अपने दोस्तों पर रुपये खर्च करना शुरू कर दिए।

हर शाम को दोस्तों के साथ पार्टी करता था। शराब पीने में रुपये खर्च कर रहा था। दोस्तों से ही कई लोगों उसके पास रुपये आने के बारे में पता चला। कुछ लोगों को उसने बताया कि वह सट्टा जीत गया है। पुलिस को जब इस बारे में पता चला तो छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने कर्मचारियों के सामने उसका नाम लिया। इससे उसकी फुटेज के आधार पर पहचान कर ली गई।
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