आगरा: दुकान पर जांच करतीं अधिकारी
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एक तरफ डीएपी के लिए किसानों में मारामारी मची है। दूसरी तरफ कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही। बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लक्ष्मी एन ने बरौली अहीर ब्लॉक में खाद दुकान पर स्टॉक व वितरण की जांच की, तो दोनों में अंतर मिला। 1250 रुपये मूल्य का डीएपी कट्टा 1400 रुपये में बेचा जा रहा था। एसडीएम ने दुकान को सीज कर दिया है। संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
सदर तहसील प्रशासन की टीम बुधवार दोपहर 12 बजे बरौली अहीर क्षेत्र में पहुंची। जहां खाद की तीन दुकानों की जांच की गई। दो दुकानों में स्टॉक व वितरण रजिस्टर ठीक मिले। कबीस स्थित जेपी खाद भंडार में स्टॉक व वितरण रजिस्टर में अंतर मिला। निर्धारित कीमत से अधिक मूल्य पर डीएपी बेची जा रही थी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लक्ष्मी एन ने बताया कि कालाबाजारी व वितरण में गड़बड़ियों पर स्टॉक सीज कर दिया है। दुकान पर ताला लगेगा। संचालक के खिलाफ पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। दूसरी तरफ प्रशासनिक छापामारी की सूचना पर खाद-बीज के दुकानदार दुकानें बंद कर भाग गए।
छह मुकदमे हो चुके हैं दर्ज
- मलपुरा, शमसाबाद सहित कई क्षेत्रों में डीएपी की किल्लत बरकरार है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि एक सप्ताह में स्थिति सामान्य हो जाएगी। नई रेक आ गई हैं। उन्होंने बताया कि डीएपी की कालाबाजारी करने वाले छह विक्रेताओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। अधिक कीमत वसूलने की शिकायत किसान तहसील में दर्ज करा सकते हैं।
यहां करें डीएपी की शिकायत
डीएपी उपलब्धता, वितरण व कालाबाजारी के संबंध में किसान कंट्रोल रूम पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर प्रेमवीर सिंह को नोडल अधिकारी बनाया है। छह-छह घंटे की ड्यूटी पर दो सह प्रभारी रहेंगे। कंट्रोल रूम नंबर 8279835015, 9759427602 और 8126089778 पर दर्ज करा सकते हैं।
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