एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही यूपी स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान डोपिंग का मामला सामने आया है। चैंपियनशिप के दौरान स्टेडियम के बाथरूम में खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने वाले दो दर्जन से ज्यादा इंजेक्शन मिले। साथ ही बाथरूम में बड़ी संख्या में वॉयल और सिरिंज पड़े मिले।
इस मामले में यूपी एथलेटिक्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) को चैंपियनशिप शुरू होने से पहले सूचना दी थी। इसके बाद भी नाडा का कोई अधिकारी चैंपियनशिप में नहीं पहुंचा। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी मेडिकल टीम को यहां भेजने की बात कही गई थी। इसके बाद भी चिकित्सकों की एक भी टीम यहां नहीं आई। बताया जा रहा है कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने से पहले कुछ खिलाड़ी बाथरूम में जाकर शक्तिवर्धक इंजक्शन लगा रहे थे। इसके बाद अपने इवेंट में भाग ले रहे थे।
कैसे पहुंचे बाथरूम तक इंजक्शन
यूपी स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान स्टेडियम में इतनी बड़ी संख्या में इंजेक्शन कैसे पहुंचे। यह बताने के लिए कोई भी तैयार नहीं है। राज्यस्तरीय चैंपियनशिप में इस तरह से लगातार इंजेक्शन पहुंचे और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसे लेकर शहर में काफी चर्चा रही।
अछनेरा के धावक की हुई थी मौत
दस साल पहले एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में माध्यमिक विद्यालयों की जिलास्तरीय प्रतियोगिता में 1500 मीटर की दौड़ करने के उपरांत एक धावक गिर गया था। अछनेरा ब्लॉक के इस धावक की मौत हो गई थी। यह संभावना जताई गई थी प्रतिबंधित दवा लेने के कारण धावक की मौत हुई है। इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
सीएमओ कार्यालय से मांगी थी टीम
यूपी एथलेटिक्स चैंपियनशिप के आयोजन समिति के संयुक्त सचिव गौरव वशिष्ठ का कहना है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को चैंपियनशिप से पहले मेडिकल टीम की तैनाती के लिए पत्र लिखा गया था। इसके बाद भी सीएमओ कार्यालय से दोनों दिन कोई भी टीम स्टेडियम नहीं पहुंची।
नाडा को दस दिन पहले दी थी जानकारी
उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पीके श्रीवास्तव का कहना है कि एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने नाडा को राज्यस्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के आयोजन की जानकारी दे दी थी। इसके बाद भी नाडा की ओर से चैंपियनशिप के दोनों दिन नाडा का कोई भी अधिकारी स्टेडियम नहीं पहुंचा। श्रीवास्तव का कहना है कि हमारे स्तर से सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई थीं।
हमारी जिम्मेदारी संघ को सिर्फ मैदान देने की
एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम के क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सुनील चंद्र जोशी का कहना है कि हमारी जिम्मेदारी सिर्फ चैंपियनशिप के लिए संघ को मैदान देना था। हमने प्रतियोगिता शुरू होने से पहले संघ को स्टेडियम में प्रतियोगिता कराने के लिए मैदान दिया। इसके अलावा हमारी कोई दूसरी जिम्मेदारी नहीं है। बाकी सभी काम संघ के पदाधिकारियों का था ।
नाडा को उठाना होगा सख्त कदम
इंडियन हॉकी के पूर्व कप्तान और अर्जुन अवार्डी जगबीर सिंह इस पूरे घटनाक्रम को लेकर काफी दुखी हैं। उनका कहना है कि यह शर्मनाक और सच्चे खिलाड़ियों को हतोत्साहित करने वाली घटना है। कुछ खिलाड़ी अपनी बेईमानी के जरिये उन खिलाड़ियों को रास्ता रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जो सच्चाई के रास्ते पर चल रहे हैं। शॉर्टकट किसी भी खेल में सफलता नहीं दिला सकता। फेडरेशन को जांच करके कड़े से कड़ा कदम उठाना चाहिए। नाडा को इस तरह की घटनाओं पर सख्त कदम उठाने चाहिए।