श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र गुप्ता एडवोकेट के निवास पर मंदिर निर्माण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इसमें पता चला कि ट्रस्ट ने मंदिर के नक्शे को स्वीकृत कराने के लिए दो करोड़ 11 लाख की धनराशि जमा की है। सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह धनराशि वापस की जानी चाहिए।
चंपत राय ने बताया कि मंदिर के नक्शे को स्वीकृत कराने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण में दो करोड़ 11 लाख से अधिक की धनराशि जमा की गई। इस पर सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि विधिक रूप से इसकी आवश्यकता ही नहीं थी। 1994 में मुस्लिम वक्फ से संबंधित संपत्तियों पर निर्माण के बाबत शासनादेश जारी किया गया था।
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इसके अनुसार यदि शिया या सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड निर्माण के लिए अनुमति प्रदान कर देते हैं तो किसी प्राधिकरण की अनुमति की जरूरत नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 14 व 15 के अनुसार धर्म के आधार पर विभिन्न लोगों में कोई अंतर नहीं किया जा सकता है। ऐसे में जब मुस्लिम संपत्तियों पर निर्माण के लिए किसी अनुमति या नक्शे की जरूरत नहीं है तो मंदिर के लिए यह आवश्यकता क्यों पड़ी।
उन्होंने कहा कि अयोध्या विकास प्राधिकरण में जमा की गई धनराशि वापस की जानी चाहिए। गुप्ता ने कहा कि वक्फ अधिनियम के खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए। चर्चा के दौरान विहिप के राष्ट्रीय मंत्री अशोक तिवारी, शासकीय अधिवक्ता वीरपाल सिंह, श्याम भदौरिया आदि थे।
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