अभी पहले वर्ष का पाठ्यक्रम स्वीकारा गया है
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय की बोर्ड ऑफ स्टडीज ने अभी शासन की ओर से उपलब्ध कराए गए पूरे पाठ्यक्रम में से प्रथम वर्ष (प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर) के पाठ्यक्रम को ही स्वीकार किया है। आगामी सत्र में इन विषयों की पढ़ाई शुरू कराने से पहले फिर से बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकें कराई जाएंगी। इसमें द्वितीय और तृतीय वर्ष के पाठ्यक्रम को स्वीकृति प्रदान की जाएगी ।
सीबीसीएस लागू करने के लिए शासनादेश का इंतजार
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि आगामी सत्र में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने के लिए शासन का आदेश आने का इंतजार किया जाएगा। उसके अनुसार कदम उठाया जाएगा।
शोध प्रबंध व लघु शोध प्रबंध अब 31 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे
विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की बैठक में पीएचडी और एमफिल करने वाले शोधार्थियों को शोध प्रबंध व लघु शोध प्रबंध जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने का निर्णय लिया गया। अब ये अपना शोध 31 दिसंबर 2021 तक बिना अतिरिक्त शुल्क के जमा कर सकते हैं।
वर्ष 2013 के अध्यादेशों के तहत शोध कर रहे करीब 300 शोधार्थी ऐसे हैं , जिनका शोध प्रबंध जमा करने का समय पूरा हो चुका है। कोरोना की वजह उत्पन्न परिस्थितियों के कारण शोधार्थी अपना शोध प्रबंध जमा नहीं कर पा रहे हैं। अधिष्ठाता (डीन) शोध प्रो. अजय तनेजा की ओर से यह प्रस्ताव विद्या परिषद में रखा गया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।