इन योजनाओं का है इंतजार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार साल पहले शहर की पेयजल और भूगर्भ जलस्तर को ऊपर उठाने के लिए नगला पैमा में यमुना नदी पर रबर चेक डैम का शिलान्यास कर चुके हैं। मई में वह नगला पैमा में रेत पर पैदल चलकर जगह का निरीक्षण करने गए थे। 26 अक्तूबर 2017 को नगला पैमा में 281 करोड़ की लागत से प्रस्तावित रबर चेक डैम का शिलान्यास कर गए, पर अब तक एक कदम भी इसका काम आगे नहीं बढ़ा। चार साल में एनओसी ही नहीं ली जा सकीं।
कीठम को पर्यटन विकास का इंतजार
यही हाल कीठम स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार का है, जहां मुख्यमंत्री ने शाम को 25 पर्यटन उद्यमियों को बुलाकर ईको टूरिज्म पर चर्चा की थी। बेहद शांत और हरे भरे सूर सरोवर पक्षी विहार में ही मुख्यमंत्री मीडिया से मुखातिब हुए थे और गोल्फ कार्ट से कीठम की खूबसूरत झील के पास घूमे थे। उन्होंने तब कीठम के पर्यटन विकास के लिए गोल्फ कार्ट चलाने, झील में वोटिंग समेत पूरी योजना बनाने को कहा था। यह योजना लखनऊ भेजी भी गई, पर अब तक पास नहीं हो सकी।
यमुनापार के लिए चाहिए नया वाटरवर्क्स
ताजनगरी में यमुनापार की तीन लाख से ज्यादा की आबादी पानी के लिए परेशान है। कुबेरपुर तक शहर का विकास होने के कारण कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है। यमुनापार के इलाके में पेयजल के लिए जलनिगम नए वाटरवर्क्स की स्थापना का प्रोजेक्ट बना चुका है। इस पर 550 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री जी, यमुनापार के तीन लाख लोगों की गुहार नए वाटरवर्क्स के निर्माण की है।