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आरटीओ दफ्तर में अचानक पहुंचे एडीएम, मच गई भगदड़, शिकायतों पर लगाई फटकार

Fri, 10 Jan 2020 12:20 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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दफ्तर में अचानक पहुंचे एडीएम - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में दलालों की सक्रियता की शिकायतों पर बृहस्पतिवार दोपहर को एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने छापा मारा तो हड़कंप मच गया। बाहरी युवक दीवार फांदकर भाग निकले। अफसरों ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लाइन में लगे आवेदकों से पूछताछ की। 
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कर्मचारियों के भी पहचानपत्र चेक किए। स्क्रूटनी कक्ष में कंप्यूटर पर बैठे निर्मल नामक युवक को पुलिस को सौंप दिया। वो एक कर्मचारी की एवजी में काम कर रहा था। दफ्तर के बाहर दलाल भाग खड़े हुए। आवेदकों ने बताया कि यहां दलालों का बोलबाला है।

दोपहर 1.30 बजे एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी, एसीएम द्वितीय वीके गुप्ता ने पुलिस के साथ कार्यालय में छापा मारा। एडीएम सिटी ने लर्निंग लाइसेंस के पटल पर लाइन में लगे आवेदकों से पूछा कि उन्होंने कितनी फीस जमा की, कितने पैसे अतिरिक्त दिए। 
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इसके बाद बायोमैट्रिक और स्क्रूटनी का काम करने वाली स्मार्ट चिप कंपनी के कर्मचारियों के पहचानपत्र चेक किए। एक कंप्यूटर पर बैठा युवक मथुरा निवासी निर्मल था, लेकिन वह पहचानपत्र नहीं दिखा सका। उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

आरटीओ को सुधार की हिदायत

इसके बाद अधिकारियों ने कंप्यूटर टेस्ट कक्ष में आरआई द्वितीय उमेश कटियार से पूछा कि कितने लोगों ने टेस्ट दिया है? कंप्यूटर टेस्ट के लिए कितना समय दिया जाता है? अफसरों ने बायोमैट्रिक और टेस्ट आदि के रिकॉर्ड को भी चेक किया मगर परमिट, रजिस्ट्रेशन आदि कक्षों में चेकिंग नहीं की। 

इसके बाद आरटीओ को सुधार की हिदायत दी। उधर, बाहरी युवक के खिलाफ आरआई सुधीर वर्मा ने तहरीर दी है। इसमें कहा गया है कि वह सुपरवाइजर उमेश कुशवाहा के कक्ष में बैठा हुआ मिला।

साहब! दलाल को 3500 रुपये दिए हैं

नगला अजीता के रजत ने बताया कि उसने बाहर से आवेदन किया है, दलाल ने बाहर ही उससे 3500 रुपये लिए हैं, जबकि तांतपुर के गीतम ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस के 400 रुपये लिए गए हैं, इसमें 350 रुपये फीस और 50 रुपये कंप्यूटर पर फार्म भरने का शुल्क है। वहीं संजय ने बताया कि उसने परमानेंट हैवी व्हीकल के पांच हजार रुपये दिए हैं।
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कार्यालयों में पसरा सन्नाटा

छापे के दौरान सभी पटलों में सन्नाटा पसर गया। अपने काम कराने आए लोग भी फाइलों को छोड़कर चले गए। यहां तक कि परमिट पटल में कार्यरत दो-तीन बाबू भी अपनी सीटें छोड़कर चले गए। यही हाल रजिस्ट्रेशन आदि कार्यालयों में देखने को मिला।

ज्यादा पैसा वसूलने की शिकायत की जांच की गई

एडीएम सिटी डॉ प्रभाकांत अवस्थी ने कहा कि आरटीओ में बाहरी लोग लाइसेंस बनवाने के लिए ज्यादा पैसा वसूलते हैं। इसकी शिकायत पर जांच की गई। आवेदकों से पूछताछ की गई। इसकी रिपोर्ट बनाई जाएगी। 

सभी कर्मचारियों को पहचानपत्र साथ रखने को कहा गया है। आरटीओ को सुधार के लिए हिदायत दी गई है। लोगों ने शिकायत की है कि आरटीओ के बाहर युवक सक्रिय हैं जो डीएल बनवाने का ठेका ले रहे हैं। 
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