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आगरा: परिवार परामर्श केंद्र में आठ महीने से तारीख पर नहीं आए ससुराली, 45 पर दर्ज हुआ मुकदमा

Sat, 25 Sep 2021 03:31 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

पीड़ितों को कोर्ट में वाद दर्ज कराने के लिए कहा जाता है। अगर, किसी मामले में पीड़ित महिला का पति और ससुराली तीन तारीख पर उपस्थित नहीं होते हैं तो मुकदमा दर्ज करके विधिक कार्रवाई की जाती है।
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एफआईआर की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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परिवार परामर्श केंद्र में आठ महीने में 45 मामलों में ससुराली पक्ष काउंसिलिंग के लिए उपस्थित नहीं हुए। उन्हें तीन बार नोटिस भी भेजे गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज कराए गए। इनमें विवेचना के बाद कार्रवाई की जा रही है।
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परिवार परामर्श केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल जनवरी से अगस्त तक 67 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। इनमें पत्नियों ने पतियों और ससुरालियों पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट, रुपये मांगने आदि आरोप लगाए थे। इन सभी मामलों में सुनवाई के लिए लड़की और लड़का पक्ष को बुलाया गया। मगर, 45 मामले ऐसे थे, जिनमें लड़की पक्ष के आने पर भी लड़का पक्ष नहीं आए। तीन बार नोटिस जारी किए गए। इसके बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इस पर मुकदमे के आदेश किए गए।

केस : 1
थाना एत्माद्दौला क्षेत्र की संतोषी ने की शादी अलीगढ़ निवासी अनिल से हुई थी। आरोप था कि पति आए दिन मारपीट करता है। विरोध पर ससुराली भी उत्पीड़न करते हैं। पति रुपयों की मांग करता है। उसे घर से निकाल दिया। इस मामले में परिवार परामर्श केंद्र में शिकायत की। नोटिस भेजने पर भी पति और ससुराली नहीं आए। इस पर थाना एत्माद्दौला में मुकदमा दर्ज किया गया।
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केस : 2
सदर की रहने वाली अंजली की शादी मथुरा निवासी रवि के साथ हुई थी। आरोप था कि पति और ससुराली दहेज की मांग करते हैं। दहेज का विरोध करने पर उत्पीड़न किया जाता है। उनके साथ गालीगलौज और मारपीट तक की जाती है। अब पति साथ रखने के लिए तैयार नहीं है। पुलिस के बुलाने पर भी ससुराली नहीं आए। इस पर थाना सदर में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई।

केस : 3
सिकंदरा निवासी पूनम की शादी ताजगंज निवासी गौरव के साथ हुई थी। आरोप के मुताबिक, पति आए दिन मारपीट करता है। दहेज के लिए उत्पीड़न किया जाता है। परिवार परामर्श केंद्र में बुलाने पर भी ससुराली उपस्थित नहीं हुए। इस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस की विवेचना चल रही है। इस मामले में थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया गया।

नोटिस देकर बुलाया जाता है
पति-पत्नी को काउंसिलिंग के लिए नोटिस देकर बुलाया जाता है। काउंसलर समझौते के प्रयास करते हैं। जिन मामलों में समझौता हो जाता है, उन दंपती को साथ घर भेज दिया जाता है। इसके बाद तीन महीने तक उनके बारे में पता करते हैं कि ठीक से रह रहे हैं या नहीं, उनके बीच फिर से कोई विवाद तो नहीं हुआ। समझौता नहीं होने पर केस की फाइल बंद कर दी जाती है। पीड़ितों को कोर्ट में वाद दर्ज कराने के लिए कहा जाता है। अगर, किसी मामले में पीड़ित महिला का पति और ससुराली तीन तारीख पर उपस्थित नहीं होते हैं तो मुकदमा दर्ज करके विधिक कार्रवाई की जाती है। - मुनिराज जी., एसएसपी 

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