केस : 2
सदर की रहने वाली अंजली की शादी मथुरा निवासी रवि के साथ हुई थी। आरोप था कि पति और ससुराली दहेज की मांग करते हैं। दहेज का विरोध करने पर उत्पीड़न किया जाता है। उनके साथ गालीगलौज और मारपीट तक की जाती है। अब पति साथ रखने के लिए तैयार नहीं है। पुलिस के बुलाने पर भी ससुराली नहीं आए। इस पर थाना सदर में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई।
केस : 3
सिकंदरा निवासी पूनम की शादी ताजगंज निवासी गौरव के साथ हुई थी। आरोप के मुताबिक, पति आए दिन मारपीट करता है। दहेज के लिए उत्पीड़न किया जाता है। परिवार परामर्श केंद्र में बुलाने पर भी ससुराली उपस्थित नहीं हुए। इस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस की विवेचना चल रही है। इस मामले में थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया गया।
नोटिस देकर बुलाया जाता है
पति-पत्नी को काउंसिलिंग के लिए नोटिस देकर बुलाया जाता है। काउंसलर समझौते के प्रयास करते हैं। जिन मामलों में समझौता हो जाता है, उन दंपती को साथ घर भेज दिया जाता है। इसके बाद तीन महीने तक उनके बारे में पता करते हैं कि ठीक से रह रहे हैं या नहीं, उनके बीच फिर से कोई विवाद तो नहीं हुआ। समझौता नहीं होने पर केस की फाइल बंद कर दी जाती है। पीड़ितों को कोर्ट में वाद दर्ज कराने के लिए कहा जाता है। अगर, किसी मामले में पीड़ित महिला का पति और ससुराली तीन तारीख पर उपस्थित नहीं होते हैं तो मुकदमा दर्ज करके विधिक कार्रवाई की जाती है।
- मुनिराज जी., एसएसपी
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