एसपी ने प्रथम दृष्टया लापरवाह मानते हुए की कार्रवाई
सदर कोतवाली की हवालात के शौचालय में पुलिस हिरासत में युवक के फांसी लगाने के मामले को एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने गंभीरता से लिया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्होंने इंस्पेक्टर सहित कुल 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। एसपी की कार्रवाई से पुलिस में खलबली मची हुई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस मामले में विस्तृत जांच की जाएगी। लापरवाही के आरोप में सदर कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह इंदौलिया, उपनिरीक्षक चंद्रेश गौतम, उपनिरीक्षक विकास कुमार, हैड मोहर्रेर घनेंद्र सिंह एवं कांस्टेबल सौरभ सोलंकी के निलंबन की कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक बोत्रे ने बताया कि इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। प्रथम दृष्टया जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। यदि और किसी की लापरवाही सामने आएगी तो उसमें भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हिरासत में मौत के मामले को लेकर पुलिस के बीच काफी खलबली देखी गई। युवक की मौत के बाद कोतवाली में सन्नाटे की स्थिति बन गई। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिसोदिया ने मौके पर पहुंचकर हवालात के संचालन का निरीक्षण किया और मामले के संबंध में जानकारी ली।
मुझे मेरे बेटे से क्यों नहीं मिलने दे रही पुलिस
पोस्टमार्टम गृह के बाहर रो-रो कर परिजनों का बुरा हाल था। पुलिस ने पोस्टमार्टम गृह का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया था। परिजन बार-बार यही कह रहे थे कि मुझे मेरे बेटे की शक्ल क्यों नहीं देखने दी जा रही। इस बात को लेकर न तो कोई अधिकारी जवाब देता देख रहा था और ना ही परिजनों को पुलिस अंदर घुसने दे रही थी इस बात को लेकर खासा आक्रोश देखा गया। बार-बार महिलाएं जब अंदर घुसने की कोशिश कर रही थी तो महिला पुलिस उनको रोकने की कोशिश में जुटी हुई थी।
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