कोच नंदी ने नहीं हारने की हिम्मत
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य जीतकर दुनिया की नजरों में आने वाली दीपा के मुताबिक एशियाई खेलों में चोट उभरने के बाद वह इसे पूरी तरह ठीक करने में लग गईं। यह कठिन समय था, लेकिन उनके कोच नंदी ने उन्हें हिम्मत नहीं हारने दी। उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा। उन्होंने अपने कोच के साथ वापसी के लिए कमर कस ली। अब वह पूरी तरह फिट हैं। यही कारण है कि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के जरिए भारतीय टीम में वापसी का लक्ष्य रखा है। वह ट्रायल में उतरेंगी और टीम में चयनित होने का प्रयास करेंगी। दीपा खुलासा करती हैं कि भले ही वह टोक्यो ओलंपिक के क्वालिफाइंग टूर्नामेंट नहीं उतरीं हों, लेकिन इस दौरान उन्होंने अगरतला अकादमी में लगातार अभ्यास जारी रखा है। यहां तक लॉकडाउन के दौरान भी उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा।
प्रयागराज के आशीष भी उतरेंगे ट्रायल में
जिम्नास्टिक फेडरशन ऑफ इंडिया 18 अक्तूबर से जापान में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए तीन पुरुष, तीन महिला जिम्नास्टों की टीम भेजेगा। टीम के चयन को दिल्ली में ओपन ट्रायल होगा। जिसमें दीपा के अलावा एशियाई, राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता जिम्नास्ट प्रयागराज के आशीष कुमार, राकेश पात्रा, टोक्यो ओलंपिक में खेलने वाली परणीति नायक, अरुणा रेड्डी के अलावा कई जिम्नास्ट भाग लेंगे। जीएफआई के महासचिव जी शांतिकुमार साफ करते हैं कि चैंपियनशिप के लिए जिम्नास्टों का आठ सितंबर से दिल्ली में राष्ट्रीय शिविर लगाया जा रहा है।