बिनौली में मनाई खुशी, रेंज में बांटी मिठाई
एशियाई खेलों में सौरभ चौधरी के स्वर्ण पदक के बाद वीर शाहमल एकेडमी के निशानेबाज की यह दूसरी बड़ी कामयाबी है। जैसे ही साथी शूटरों को दीपेंद्र की कामयाबी की जानकारी मिली तो एकेडमी परिसर में खुशी छा गई। एकेडमी के शूटरों ने एक दूसरे को मिठाई बांटकर खुशी मनाई। कोच अमित श्योराण को भी खिलाड़ियों और आसपास के लोगों ने बधाई दी।
पोलियो को मात देकर जीता रजत पदक
दीपेंद्र संभल जिले के रहने वाले हैं, लेकिन खेल के प्रति लगाव और कुछ कर दिखाने के जज्बे के चलते वह बिनौली में शूटिंग रेंज पर रहकर ही अभ्यास करते हैं। पोलियो की वजह से एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद उनका हौसला कभी नहीं टूटा। अमित श्योराण बताते हैं कि पिछले करीब चार साल से वह रेंज पर अभ्यास कर रहे हैं। साथी खिलाड़ियों के अलावा युवाओं के लिए भी दीपेंद्र की कामयाबी प्रेरणा है।
ओलंपिक का पदक लाना है मेरा सपना : दीपेंद्र
रजत पदक जीतने के बाद दीपेंद्र सिंह ने कहा कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना उसका सपना है। विश्वकप में रजत पदक मिला, लेकिन भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए वह और अधिक मेहनत करेगा, ताकि स्वर्ण पदक मिले। क्वालीफाई किए जाने पर उसे बेहद खुशी हो रही है। उसे उम्मीद थी कि फ्रांस में मेडल जरूर मिलेगा। कामयाबी के लिए कोच का मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग रहा। भविष्य के लिए वह और अधिक मेहनत करेगा।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/