फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पोलियो को मात देकर दीपेंद्र ने जीता सिल्वर मेडल, पैरा एशियाई खेलों के लिए हासिल किया टिकट

Fri, 28 Sep 2018 10:42 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
शूटर दीपेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

फ्रांस में खेले जा रहे शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप में बिनौली के वीर शाहमल शूटिंग एकेडमी के पैरा शूटर दीपेंद्र सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल में रजत पदक जीता है। दीपेंद्र हरियाणा के मनीष नरवाल से मामूली अंतर से पिछड़ने के कारण गोल्ड से चूक गए। दीपेंद्र ने पैरा ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है। जकार्ता में होने वाले पैरा एशियाई खेलों में भी वह देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। दीपेंद्र की कामयाबी पर बिनौली के शूटरों में जश्न का माहौल है।  

विज्ञापन


वीर शाहमल राइफल क्लब बिनौली के कोच अमित श्योराण ने बताया कि फ्रांस में पैरा खिलाड़ियों के वर्ल्ड कप में गुरुवार को 10 मीटर एयर पिस्टल के मुकाबले हुए। एकेडमी के दीपेंद्र सिंह ने शानदार खेल का प्रदर्शन कर 235.4 का स्कोर कर रजत पदक प्राप्त किया। जबकि गोल्ड मेडल जीतने वाले हरियाणा के मनीष नरवाल ने 235.9 का स्कोर किया। दीपेंद्र मामूली अंतर से गोल्ड से चूके। दीपेंद्र मूल रूप से संभल जिले के भाटपुरा गांव के रहने वाले हैं। दीपेंद्र के पिता राजपाल सिंह ने भी बेटे की कामयाबी पर खुशी जताई है। 

0.5 अंक से चूक गया गोल्ड

फाइनल में दीपेंद्र और मनीष नरवाल का मुकाबला रोचक हुआ। शुरुआती निशाने में पिछड़ जाने के बावजूद दीपेंद्र ने जोरदार वापसी की, लेकिन आखिर में सिर्फ 0.5 अंक के अंतर से वह गोल्ड मेडल से चूक गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

बिनौली में मनाई खुशी, रेंज में बांटी मिठाई 

एशियाई खेलों में सौरभ चौधरी के स्वर्ण पदक के बाद वीर शाहमल एकेडमी के निशानेबाज की यह दूसरी बड़ी कामयाबी है। जैसे ही साथी शूटरों को दीपेंद्र की कामयाबी की जानकारी मिली तो एकेडमी परिसर में खुशी छा गई। एकेडमी के शूटरों ने एक दूसरे को मिठाई बांटकर खुशी मनाई। कोच अमित श्योराण को भी खिलाड़ियों और आसपास के लोगों ने बधाई दी। 

पोलियो को मात देकर जीता रजत पदक 

दीपेंद्र संभल जिले के रहने वाले हैं, लेकिन खेल के प्रति लगाव और कुछ कर दिखाने के जज्बे के चलते वह बिनौली में शूटिंग रेंज पर रहकर ही अभ्यास करते हैं। पोलियो की वजह से एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद उनका हौसला कभी नहीं टूटा। अमित श्योराण बताते हैं कि पिछले करीब चार साल से वह रेंज पर अभ्यास कर रहे हैं। साथी खिलाड़ियों के अलावा युवाओं के लिए भी दीपेंद्र की कामयाबी प्रेरणा है।  

ओलंपिक का पदक लाना है मेरा सपना : दीपेंद्र 

रजत पदक जीतने के बाद दीपेंद्र सिंह ने कहा कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना उसका सपना है। विश्वकप में रजत पदक मिला, लेकिन भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए वह और अधिक मेहनत करेगा, ताकि स्वर्ण पदक मिले। क्वालीफाई किए जाने पर उसे बेहद खुशी हो रही है। उसे उम्मीद थी कि फ्रांस में मेडल जरूर मिलेगा। कामयाबी के लिए कोच का मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग रहा। भविष्य के लिए वह और अधिक मेहनत करेगा।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें