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Sarva Pitru Amavasya 2023: सर्वपितृ अमावस्या का महत्व और पितरों की कृपा पाने के लिए इस दिन क्या करें उपाय

Sat, 14 Oct 2023 06:40 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Sarva Pitru Amavasya 2023: पितृपक्ष का समापन आश्विन मास की अमावस्या तिथि को होता है। इस तिथि को सर्वपितृ अमावस्या,महालया अमावस्या, पितृ अमावस्या या पितृ मोक्ष अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।
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Pitru Paksha 2023: धार्मिक मान्यता के अनुसार दक्षिण दिशा पितरों की दिशा मानी गई है। पितृपक्ष में पितरों का आगमन दक्षिण दिशा से होता है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Sarva Pitru Amavasya 2023:  सनातन धर्म के अनुसार  पितृपक्ष में अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध करने का विशेष महत्व है।उदया तिथि के अनुसार इस साल सर्वपितृ अमावस्या 14 अक्टूबर 2023 को मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार पितृ इन दिनों पृथ्वी पर विचरण करते हैं। ताकि 16 दिनों तक वह अपने परिजनों के बीच रहकर अन्न और जल ग्रहण कर तृप्त हो सकें। पितृपक्ष का समापन आश्विन मास की अमावस्या तिथि को होता है। इस तिथि को सर्वपितृ अमावस्या,महालया अमावस्या, पितृ अमावस्या या पितृ मोक्ष अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।

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पितृ अमावस्या का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार अमावस्या तिथि पर किया गया श्राद्ध परिवार के सभी पूर्वजों की आत्माओं को प्रसन्न करता है।  इसलिए इस दिन सभी पूर्वजों के निमित्त भी श्राद्ध करना चाहिए। इस दिन ज्ञात, अज्ञात सभी पितरों के श्राद्ध का विधान है, जिन लोगों को अपने परिजनों की मृत्यु की तिथि याद नहीं होती है तो वो भी इस दिन अपने पितरों का तर्पण और श्राद्ध कर सकते हैं। इस दिन तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं। परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु हुई हो उनके निमित्त भी सर्व पितृ अमावस्या के दिन तर्पण किया जा सकता है। ऐसा करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों का तर्पण करने से मानसिक शांति होती है और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। पूर्वजों और पितरों के आशीर्वाद से जीवन में सभी कष्टों का निवारण होता है। पितरों का आपके परिवार पर आशीर्वाद बना रहे इसके लिए अमावस्या के दिन इन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।

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पितृ अमावस्या पर क्या करें
- इस दिन पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए ब्राह्मणों को घर बुलाएं और आदर के साथ उन्हें भोजन कराएं और दक्षिणा देकर उन्हें विदा करें। इस दिन गाय, कुते और कौए को भोजन अवश्य कराना चाहिए, ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होंगे।
- सर्व पितृ अमावस्या के दिन चीटियों को शक्कर मिला हुआ आटा खिलाएं,गाय को हरा चारा खिलाएं ऐसा करने से आपको कष्टों से मुक्ति मिलेगी। पितृपक्ष में पशु पक्षियों को अन्न-जल देने से विशेष लाभ मिलता है। इन्हें भोजन देने से पितृगण संतुष्ट होते हैं।
- इस दिन पितरों के निमित्त असहाय एवं गरीब लोगों को भरपेट भोजन कराएं। ऐसा करने से घर की आर्थिक परेशानी दूर होती है और धन संपत्ति का आगमन होता है।
- इस दिन संध्याकाल में घर के ईशान कोण में पूजा वाले स्थान पर गाय के घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से आपको सभी सुखों की प्राप्ति होगी।
- अनेकों परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए इस दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद आटे की गोलियां बनाएं और किसी तालाब या नदी के किनारे जाकर ये आटे की गोलियां मछलियों को खिला दें।
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- पीपल के पेड़ में पितरों का वास माना जाता है। इसलिए इस दिन पीपल के पेड़ में काले तिल मिलकर जल जरूर चढ़ाना चाहिए। शाम के समय यहां दीपक जलाना चाहिए। 

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