जल क्रीड़ा: चंद्राभागा की लहरों में लीजिए अब रिवर राफ्टिंग का रोमांच
Wed, 04 May 2022 10:28 AM IST
Krishan Singh
अशोक राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)
सार
अटल विहारी पर्वतारोहण संस्थान की विशेषज्ञ टीम और लाहौल-स्पीति प्रशासन ने चंद्रा और भागा नदी पर तीन स्थानों को रिवर राफ्टिंग के लिए चिन्हित किया है। इसमें फिलहाल भागा नदी पर दारचा से जिस्पा तक जबकि चंद्रा नदी पर अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से पागल नाला और मूलिंग पुल से तांदी संगम तकर राफ्टिंग होगी।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में चंद्राभागा की लहरों पर युवा और सैलानी पहली बार राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकेंगे। अटल विहारी पर्वतारोहण संस्थान की विशेषज्ञ टीम और लाहौल-स्पीति प्रशासन ने चंद्रा और भागा नदी पर तीन स्थानों को रिवर राफ्टिंग के लिए चिन्हित किया है। इसमें फिलहाल भागा नदी पर दारचा से जिस्पा तक जबकि चंद्रा नदी पर अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से पागल नाला और मूलिंग पुल से तांदी संगम तकर राफ्टिंग होगी। इन तीनों की लंबाई तीन से चार किलोमीटर तक है। साहसिक खेलों से जुड़े तीन संस्थानों ने रिवर रफ्टिंग के लिए जिला प्रशासन के पास अपना पंजीकरण भी कर लिया है।
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हालांकि, चंद्राभागा नदी पर जिला प्रशासन ने फिलहाल किसी को व्यवसायिक तौर पर रिवर राफ्टिंग करने की अनुमति नहीं दी है। हिमाचल में बहने वाली तमाम नदियों में चंद्राभागा नदी के पानी का वॉल्यूम सबसे अधिक नापा गया है। इसकी लहरों पर राफ्टिंग का अलग रोमांच होगा। रिवर राफ्टिंग के लिए प्रति सैलानी कितनी रकम वसूली जानी है। इसके लिए प्रशासन और रिवर राफ्टिंग से जुड़ी संस्थाओं की जल्द बैठक बुलाई जाएगी।
जिला पर्यटन अधिकारी प्रिया नागटा ने बताया कि भागा नदी पर दारचा से जिस्पा तक रिवर राफ्टिंग के लिए पहले ही चिन्हित है। जबकि चंद्रा नदी पर अटल टनल नॉर्थ पोर्टल से पागल नाला और मूलिंग पुल से तांदी संगम तक दो नए स्थानों को अटल विहारी पर्वतारोहण संस्थान के विशेषज्ञ टीम के साथ मिल कर जिला प्रशासन ने चिन्हित किया है। उन्होंने बताया कि रिवर राफ्टिंग के लिए तीन संस्थानों ने प्रशासन के पास पंजीकरण किया है। राफ्टिंग के लिए प्रति सवारी कितना किराया लिया जाएगा, इसके लिए जल्द बैठक बुलाई जाएगी।