शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने पेयजल कंपनी के अधिकारियों के साथ की बैठक
कुछ दरों तक पानी मुफ्त भी मिल सकता है पानी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चुनावी साल में शहरवासियों को भारी भरकम पेयजल बिलों से बड़ी राहत मिलने वाली है। सरकार ने शिमला शहर में पेयजल सस्ता करने की तैयारी कर ली है।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस बारे में पेयजल कंपनी को निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार कंपनी के अधिकारियों को इस बारे में प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। मंत्री ने शनिवार को प्रदेश सचिवालय में पेयजल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें कंपनी के स्वतंत्र निदेशक आरके मल्होत्रा और दिग्विजय चौहान भी मौजूद रहे। बैठक में चर्चा हुई कि बिजली और कूड़ा बिलों में राहत देने के बाद अब शहर की जनता को पेयजल बिलों से भी राहत दी जाएगी।
सरकार कुछ किलोलीटर मुफ्त पानी देने पर भी फैसला ले सकती है। चर्चा है कि 10 से 15 किलोलीटर हर महीने लोगों को मुफ्त पानी मिल सकता है। इस बारे में कंपनी को प्रस्ताव बनाने को कहा है। इसके अलावा विकल्प के तौर पर सस्ते पानी का स्लैब बढ़ाने या स्लैब दर घटाने को लेकर भी प्रस्ताव बनाने को कहा है। सीवरेज सैस भी घटाया जा सकता है। बैठक में एक भवन में एक से अधिक पेयजल कनेक्शन देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। कंपनी को इस बारे में प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। कंपनी ने एक मंजिल में एक से अधिक कनेक्शन देने का प्रस्ताव बनाया है। इसके अलावा किरायेदारों को भी कनेक्शन की छूट देने की तैयारी है।
तो जनता नहीं सरकार देगी पैसा
पेयजल कंपनी ने अप्रैल से दस फीसदी पेयजल दरें बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया है। इस पर भी बैठक में चर्चा हुई। मंत्री ने साफ कहा कि शहर की जनता पर इसका बोझ नहीं पड़ना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस दस फीसदी बढ़ोतरी को अपने बजट से जारी करेगी। आम जनता पर इस बढ़ोतरी का बोझ नहीं पड़ेगा।
बिजली बिल, कूड़ा शुल्क में मिल चुकी है राहत
60 यूनिट तक बिजली निशुल्क देने और बिना एनओसी कनेक्शन देने संबंधी फैसले से शहर की जनता को पहले ही काफी राहत मिल चुकी है। कारोबारियों का कोरोनाकाल का कूड़ा शुल्क भी माफ हो चुका है। ऐसे में अब पेयजल बचा है। कंपनी को इस बारे में भी राहत भरे प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।