हिमाचल प्रदेश में अब समय से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले कर्मचारियों को पेंशन सहित अन्य वित्तीय लाभ का नुकसान झेलना पड़ेगा। बीच में नौकरी छोड़ने पर कर्मचारियों और अधिकारियों को लगभग 40 फीसदी कम पेंशन मिलेगी।
प्रदेश सरकार ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों पर सरकार प्रो-रेटा फार्मूला लागू करेगी, जिसमें वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों को भारी वित्तीय नुकसान होगा।
प्रदेश में हर वर्ष सैकड़ों कर्मचारी, अधिकारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेते हैं। इसमें सबसे अधिक डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य अधिकारी शामिल हैं। इस कारण प्रदेश की स्वास्थ्य और दूसरे क्षेत्रों की सेवाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।