फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वालों के लिए बुरी खबर

विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश में अब समय से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले कर्मचारियों को पेंशन सहित अन्य वित्तीय लाभ का नुकसान झेलना पड़ेगा। बीच में नौकरी छोड़ने पर कर्मचारियों और अधिकारियों को लगभग 40 फीसदी कम पेंशन मिलेगी।
विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों पर सरकार प्रो-रेटा फार्मूला लागू करेगी, जिसमें वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों को भारी वित्तीय नुकसान होगा।

प्रदेश में हर वर्ष सैकड़ों कर्मचारी, अधिकारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेते हैं। इसमें सबसे अधिक डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य अधिकारी शामिल हैं। इस कारण प्रदेश की स्वास्थ्य और दूसरे क्षेत्रों की सेवाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार ने जारी की अधिसूचना

इसको ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार वीआरएस कम करने के लिए प्रो-रेटा फार्मूला लागू किया है, जिससे प्रदेश की सेहत और विकास पर किसी तरह का असर न पड़े। 28 अगस्त 2014 को कैबिनेट की बैठक में वित्त विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।

इसकी अधिसूचना मंगलवार को जारी की गई। इससे प्रदेश को दोहरा फायदा होगा, जबकि वीआरएस लेने वालों को आर्थिक तौर पर काफी क्षति उठानी पड़ेगी। उन्हें पहले के मुकाबले लगभग 40 फीसदी कम पेंशन मिलेगी।

क्या है प्रो रेटा फार्मूला
अफसर की अंतिम वेतन की आधी रकम गुणा जितनी साल की सेवा हुई और उसमें 33 से भाग देना है। इससे पहले के मुकाबले तकरीबन 30 से 40 फीसदी कम पेंशन सरकार की ओर से भुगतान किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें