हिमाचल सरकार ने वरिष्ठ अफसरों से बेहतर कामकाज लेने के लिए उन पर सख्ती की है। वरिष्ठता के नाते रिपोर्ट नहीं करने का एलान कर चुके अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के कुछ वरिष्ठ अफसरों के निशाने पर चल रहे नए मुख्य सचिव वीसी फारका ने ये सख्त आदेश जारी किए हैं कि सीनियर अधिकारियों के कामकाज और जवाबदेही की हर तीसरे महीने समीक्षा होगी।
यह समीक्षा राज्यस्तरीय और जिलास्तरीय कमेटियां करेंगी। समितियां तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के कामकाज पर रिपोर्ट तैयार करेंगी। मुख्य सचिव वीसी फारका ने सभी प्रशासनिक सचिवों, सभी विभागाध्यक्षों, तमाम मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, प्रबंध निदेशकों, सचिवों, बोर्ड रजिस्ट्रारों, निगमों, सरकारी विश्वविद्यालयों और स्वायत्त संस्थाओं के प्रमुखों को ये आदेश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि तीन महीने में अधिकारियों के प्रदर्शन और जवाबदेही को तय करने का मामला सरकार के पास विचाराधीन था। तय हुआ है कि इस उद्देश्य के लिए राज्य और जिला स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाए। ये अपना कार्य तय निर्देशानुसार करेंगे। इसमें किसी भी तरह की कोताही को गंभीरता से लिया जाएगा।
ऐसे काम करेंगी कमेटियां
इन कमेटियों की बैठक तीन महीने बाद होगी। राज्यस्तरीय कमेटियों के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। इसके सदस्य संबंधित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक, संबंधित विभागाध्यक्ष, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार और सचिव प्रशासनिक सुधार होंगे।
कमेटियां अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों की परफार्मेंस को परखने के लिए खुद एक मैकेनिज्म तैयार करेंगी। इनमें अधिकारियों के टारगेट और प्राप्तियों का मूल्यांकन होगा। मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं को लागू करना बड़ा बेंचमार्क होगा।
जेसीसी बैठक के निर्णयों को लागू करने समेत तमाम बातों को देखा जाएगा। जिलास्तरीय कमेटियों के अध्यक्ष संबंधित जिलों के अतिरिक्त मुख्य सचिव होंगे, जबकि सदस्य डीसी, एसपी, सभी जिला स्तर के प्रमुख, मंडलायुक्त, आईजी और एसी टू डीसी होंगे। ये भी अधिकारियों का प्रदर्शन देखेंगे।