नगर निगम के जोरदार विरोध के बाद बुधवार को राज्य सरकार ने यूनिट एरिया मेथड को रद्द कर दिया है। बुधवार को शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा है कि विधानसभा के मानसून सत्र में प्रापर्टी टैक्स के एक्ट में सरकार संशोधन करेगी।
मंत्री ने नई टैक्स पद्धति बनाने के आदेश भी दे दिए हैं। बुधवार को सचिवालय में शहरी विकास विभाग मंत्री सुधीर शर्मा को महापौर संजय चौहान और उप महापौर टिकेंद्र पंवर ने नए यूनिट एरिया मेथड की खामियों से अवगत कराया।
महापौर ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र होने के नाते यूनिट एरिया मेथड को लागू करना संभव नहीं है। लंबी चर्चा के बाद सुधीर शर्मा ने यूनिट एरिया मेथड को रद्द करते हुए टैक्स के एक्ट में संशोधन की बात कही।
नई पॉलिसी में मिलेगी ये राहत
संशोधन में ग्रीन बेल्ट, कृषि भूमि, सेल्फ यूज में राहत दी जाएगी। इसके अलावा श्रेणीवार भी लोगों को टैक्स में छूट दी जा सकती है। उल्लेखनीय है कि यूनिट एरिया मेथड शहर के हजारों लोगों पर भारी पड़ रहा था।
इसमें सेल्फ यूज, ग्रीन बेल्ट, कृषि भूमि, बिल्ट अप एरिया की छूट का लाभ उठा रहे लोग भी मेथड की चपेट में आए थे। इन लोगों ने बीते दो साल के दौरान कई बार प्रदर्शन से लेकर ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध व्यक्त किया है।
टैक्स के एक्ट में संशोधन होने से इन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
बन सकते हैं ऐसे नियम
बताया जा रहा है कि हाउस टैक्स वसूली के लिए नगर निगम ने शहर को विभिन्न जोन में बांटने की बजाय सिर्फ एक जोन बनाने की तैयारी की है। इसके तहत पूरे शहर की वैल्यू पांच रखी गई है।
फैक्टर की वैल्यू में फेरबदल किया गया है। सेल्फ यूज सहित अन्य विशेष श्रेणियों पर कम से कम टैक्स लगाने की योजना है। यूनिट एरिया मेथड के तहत मकान की हालत, मकान का उपयोग, मकान की आयु, मकान कहां स्थित है को ध्यान में रखते हुए फैक्टर बनाए गए हैं।
शहर को पांच विभिन्न जोन में बांटा गया है। जोन और फैक्टर की वैल्यू तय की गई है। जोन और फैक्टर को गुणा कर प्रापर्टी टैक्स निकाला जाएगा।
निगम में आज टैक्स पर औपचारिक बैठक
वहीं, हाईकोर्ट के आदेशानुसार नगर निगम हाउस टैक्स वसूली के नए नियम बनाने जा रहा है। इसके लिए निगम ऑफिस में बैठक हो रही है जिसमें नए नियमों को लेकर चर्चा की जानी है। निगम सदन में यूनिट एरिया मेथड के तहत हाउस टैक्स वसूली के नियम तय किए जाएंगे।
हालांकि बुधवार को शहरी विकास विभाग मंत्री सुधीर शर्मा द्वारा यूनिट एरिया मेथड को रद्द करने के फैसले के बाद वीरवार को होने वाली बैठक सिर्फ औपचारिकता बन गई है। हाईकोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर टैक्स वसूली के नियम बनाने के आदेश दिए हैं। इसके तहत ही नगर निगम प्रशासन बैठक करने जा रहा है।