फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में 2017 से पहले ही गिर जाएगी सरकार: धूमल

Sun, 27 Mar 2016 08:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
विज्ञापन
हमीरपुर में पंचायत प्रतिनिधियों को सम्‍मानित करते पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि धर्मशाला नगर निगम चुनाव में भाजपा शानदार जीत दर्ज करेगी। मेयर और डिप्टी मेयर भाजपा समर्थित होंगे। जबकि कांग्रेस कांगड़ा जिला परिषद के चुनावों की तरह लठ लेकर काली भेड़ें ढूंढेगी।
विज्ञापन


धूमल ने कहा कि कांगड़ा जिला परिषद अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा होने पर मुख्यमंत्री ने नगरोटा बगवां विस क्षेत्र में काली भेड़ों को नींबू की तरह निचोड़ने की बात कही थी। मुख्यमंत्री का यह बयान जनता के चुने हुए नुमाइंदों का अपमान है। धूमल ने कहा कि अरुणाचल, उत्तराखंड और जेएंडके में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल में भी पूर्वाई चल रही है। प्रदेश विधानसभा में चल रहे हालातों से स्पष्ट है कि 2017 से पहले ही कांग्रेस सरकार गिर जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को गिराने की जरूरत नहीं होती।
विज्ञापन


कुछ सरकारें अपने भ्रष्टाचार और काले कारनामों के कारण खुद ही गिर जाती हैं। धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री की संपत्तियां जब्त हो रही है। वीरभद्र सिंह को नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
विज्ञापन

धूमल ने 75 फीसदी दावों पर उठाए सवाल

हमीरपुर में पंचायत प्रतिनिधियों को सम्‍मानित करते पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि पंचायती राज से लेकर एमएलए और पार्लियामेंट तक एक ही दिन चुनाव होने चाहिए। ताकि चुनावों पर बार-बार होने वाले खर्च से बजा जा सके। इसके अलावा कर्मचारियों की बार-बार चुनाव ड्यूटियां लगने और आचार संहिता के कारण विकास कार्य ठप होने के झंझट से छुटकारा मिल सके।

प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के उस बयान पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने पंचायत चुनावों में 75 फीसदी प्रतिनिधियों की जीत की बात कही थी। धूमल ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री पार्टी सिंबल पर पंचायत और निकाय चुनाव का विरोध करते हुए कहते हैं कि वह राजनीति को लोगों के चूल्हे तक नहीं ले जाना चाहते।

वहीं दूसरी तरफ पंचायत चुनावों इस इस तरह के झूठे दावे करते हैं। पार्टी सिंबल और अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पद पर प्रत्यक्ष चुनाव से खरीद फरोख्त की संभावनाएं खत्म होती हैं। वहीं चुने हुए जनप्रनिधियों में अविश्वास प्रस्ताव का डर खत्म हो जाता है। वहीं विकास कार्यों को भी गति मिलती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें