शिमला। राजधानी में नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस नेताओं ने फील्ड वर्क शुरू कर दिया है। टिकट देने से पहले वार्ड वाइज पार्षदों और इस पद के दावेदारों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है। शिमला ग्रामीण और कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस विधायकों ने अपने स्तर पर सर्वे शुरू कर चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। वहीं, शिमला शहर में पार्टी नेताओं को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
इसी कड़ी में रविवार को शिमला ग्रामीण से कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने विधानसभा में टुटू और मज्याठ वार्ड के कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इस दौरान मज्याठ पार्षद दिवाकर देव शर्मा भी मौजूद रहे। इसमें दोनों वार्डों के कार्यकर्ताओं से अपने अपने वार्ड के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई। साथ ही विधायक ने सभी कार्यकर्ताओं को लोगों के बीच जाने और उनकी प्राथमिकताएं जानने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी इस चुनाव में नगर निगम की सत्ता में वापसी करेगी। हर वार्ड में ऐसे उम्मीदवार को पार्षद पद का टिकट दिया जाएगा जिस पर सबकी सहमति होगी। वर्तमान पार्षदों को तवज्जो भी दी जा सकती है। इससे पहले विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र के बालूगंज एवं कच्चीघाटी वार्ड के कार्यकर्ताओं की भी बैठक ली है। पार्टी ने तय किया है कि अप्रैल से ही चुनाव प्रचार का दौर शुरू हो जाएगा। उधर, कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में भी विधायक अनिरूद्घ सिंह सक्रिय है। यहां भी निगम चुनाव पर पार्षदों और कसुम्पटी मंडी के नेताओं के साथ बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
अभी शिमला नगर निगम में कांग्रेस के हैं 11 पार्षद
34 पार्षदों वाली शिमला नगर निगम में अभी कांग्रेस के कुल 11 पार्षद हैं। शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के तहत कुल चार वार्ड आते हैं। इनमें कांग्रेस का महज एक ही पार्षद है। शिमला शहर विधानसभा क्षेत्र के 18 वार्डों में भी कांग्रेस कमजोर है। इनमें कांग्रेस के पांच पार्षद हैं। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के तहत कुल 12 वार्ड हैं जिनमें कांग्रेस का पांच वार्डों पर कब्जा है।