कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को एक तरह का लोन गिरोह अंदर ही अंदर चपत लगा रहा है। हमीरपुर में भी कुछेक ऐसे लोगों की पहचान हुई है, जिन्होंने एक साथ दो-तीन शाखाओं से झूठे शपथ पत्र देकर ऋण हासिल कर लिया है। साथ ही उनका भुगतान भी नहीं किया जा रहा है, जिससे खाते एनपीए होते जा रहे हैं।
मामले का खुलासा बैंक प्रबंधन की आंतरिक जांच (वार्षिक ऑडिट) के दौरान ही हुआ है। जिसके बाद अब बैंक प्रबंधन भी सतर्क होने लगा है। इसे चलते निर्देश जारी किए जा रहे हैं। नियमानुसार एक व्यक्ति एक समय में केवल एक ही ऋण ले सकता है।
ऐसे में उसका भुगतान पूरा होने तक दूसरा ऋण नहीं ले सकता। ऋण लेने वाले को औपचारिकताएं पूरी करने के दौरान शपथ पत्र भी देना होता है कि अन्य किसी स्थान, बैंक की शाखा में कोई ऋण नहीं है। जानकारी अनुसार लोगों ने झूठे शपथ पत्र जमा करवाए हैं।