शिमला शहर कंक्रीट के पहाड़ में बदलता जा रहा है। शहर के भवन मालिकों से नगर निगम संपत्ति कर वसूलता है।
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राजधानी में कई साल से संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) न चुकाने वाले 1800 भवन मालिकों से अब नगंर निगम सख्ती करने जा रहा है। निगम प्रशासन ने इन्हें आखिरी नोटिस aजारी कर 15 दिन के भीतर टैक्स जमा करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने पर नगर निगम इनका बिजली और पानी बंद कर देगा। 1800 भवन मालिकों की सूची में 85 ऐसे हैं जिनसे 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का टैक्स वसूला जाना है।
इनमें ज्यादातर होटल मालिक शामिल हैं। कई सरकारी महकमे भी टैक्स नहीं दे रहे। इन्हें अब आखिरी मौका दिया गया है। कंगाली से जूझ रहे नगर निगम को सरकार की ओर से भी टैक्स समेत अन्य बिलों की रिकवरी बढ़ाने के निर्देश मिले हैं। बीते साल विधानसभा चुनाव से पहले भी नगर निगम ने कुछ भवन मालिकों को नोटिस जारी किए थे।
बाद में चुनाव के चलते बाकियों को नोटिस जारी नहीं किए। बीते माह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शहरी विधायक के साथ भी नगर निगम की बैठक हुई थी। सरकार ने निर्देश दिए थे कि निगम अपनी आय बढ़ाए जो लंबित बिल लिए जाने हैं, उनकी वसूली करें। इसके बाद अब टैक्स वसूली के लिए सख्ती शुरू कर दी है।
अप्रैल में जारी होने हैं नए टैक्स बिल
अप्रैल में नगर निगम, भवन मालिकों को नए बिल जारी करेगा। इस बार टैक्स में दस फीसदी की बढ़ोतरी होनी है। ऐसे में लोगों की जेब ढीली होने वाली है। शहर में 30 हजार भवन मालिक हैं जिनसे नगर निगम टैक्स लेता है। बिल जारी होने के 15 दिन के भीतर भुगतान करने पर निगम 10 फीसदी की छूट देता है जो लोग पिछला टैक्स नहीं चुकाएंगे, उन्हें यह छूट नहीं दी जाएगी।
शहर में टैक्स जमा न करने वाले भवन मालिकों को नोटिस दिए हैं। 15 दिन में टैक्स जमा न करने पर बिजली और पानी बंद किया जा सकता है।
- आशीष कोहली, आयुक्त, एमसी