मई-जून में होने हैं शिमला नगर निगम के चुनाव, फरवरी के अंत में पेश किया जाएगा बजट
भाजपा शासित नगर निगम का है आखिरी बजट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चुनावी साल में भाजपा शासित नगर निगम अपने कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करने की तैयारी में जुट गया है। फरवरी के अंत में नगर निगम का बजट पेश किया जाएगा। चुनाव से ठीक पहले पेश होने वाले इस बजट को कैसे लोक लुभावना बनाया जाए, इस पर माथापच्ची शुरू हो गई है।
महापौर सत्या कौंडल ने नगर निगम प्रशासन को बजट तैयार करने के लिए कह दिया है। प्रशासन ने भी सभी विभागों से कामों का ब्योरा मांगा है। साथ ही नए बजट में क्या नई सुविधाएं दी जा सकती हैं, इस पर सुझाव मांगे जा रहे हैं। मई-जून में नगर निगम के चुनाव होने हैं। ऐसे में यह बजट काफी अहम रहने वाला है। बजट जनता को पसंद आया तो इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। ऐसे में सबकी नजरें भाजपा के आखिरी बजट पर टिकी हैं। हालांकि, कांग्रेस भी बीते चार साल में बजट में की गई ज्यादातर घोषणाएं सिरे न चढ़ने पर भाजपा को निशाने पर लेने के लिए तैयार है। सूत्रों के अनुसार नगर निगम का आखिरी बजट भी शहरवासियों को स्मार्ट सिटी के सपने दिखाने वाला है। स्मार्ट सिटी मिशन और अमृत मिशन दो के तहत करवाए जाने वाले कामों पर यह बजट केंद्रित रह सकता है।
जुमला निकली मोनो रेल की घोषणा
महापौर सत्या कौंडल ने बीते साल अपने दूसरे बजट में शहर में मोनो रेल चलाने का सपना दिखाया था। लेकिन बजट भाषण के बाद कभी भी मेयर ने इस पर बैठक नहीं बुलाई। अब कहा जा रहा है कि फिजिबिलिटी न मिलने के कारण यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। इसी तरह पिछले बजट में टेस्ट लैब खोलने का सपना दिखाया था जो अभी तक सिर्फ दावों में ही है।
जनता और पार्षदों के सुझाव पर बनेगा बजट : महापौर
नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल ने कहा कि शहर की जनता क्या नए काम चाहती है, इस पर उनके सुझाव लिए जाएंगे। पार्षदों से भी उनके सुझाव और प्राथमिकताएं ली जाएंगी, उसके आधार पर बजट पेश किया जाएगा। प्रशासन को भी इस बारे में प्रस्ताव तैयार करने को कह दिया है।