हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के छठे दिन विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) से नाराज विपक्ष ने सदन में नारेबाजी की। सरकार के दखल के बाद स्पीकर ने विपक्ष और सत्ता पक्ष के एक-एक सदस्य को प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के जरिये अपनी बात रखने का मौका दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ। हुआ यूं कि सोलन से विधायक कर्नल धनी राम शांडिल ने प्रश्नकाल खत्म होते ही प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के जरिये एक विषय सरकार के सामने रखने के लिए स्पीकर से अनुमति मांगी। उन्होंने मंजूरी न देते हुए कार्रवाई आगे बढ़ा दी। विपक्ष ने पहले जरूरी विषय रखने का हवाला देते हुए शांडिल को अनुमति देने का आग्रह किया। लेकिन स्पीकर ने उनको नहीं सुना तो नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में पूरे विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान विपक्ष और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज के बीच जबरदस्त नोकझोंक भी हुई।
पक्ष-विपक्ष ने एक-दूसरे पर लगाए सदन की गरिमा को ठोस पहुंचाने के आरोप
विधानसभा सत्र के छठे दिन प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत अपनी बात रखने का मौका न देने पर विपक्ष के नेताओं की ओर से विधानसभा अध्यक्ष के आसन का विरोध करने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नारेेबाजी हुई। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि विपक्ष सरकार का विरोध कर सकता है, लेकिन पीठ का किसी भी सूरत में विरोध नहीं कर सकता। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। इस पर विपक्ष के सदस्यों का कहना था कि जब कोई सुनवाई नहीं होगी तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना ही होगा।
जब विपक्ष के रवैये पर भारद्वाज ने सवाल उठाए तो विपक्ष ने उनके पिछली सरकार के दौरान विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के किस्से को छेड़ दिया। कहा कि जो खुद पीठ का मान नहीं रखते, वह बात कर रहे। भारद्वाज ने कहा कि गलत तरीके से आप लोगों ने उस वजह से सदन से बाहर करा दिया था। इस बीच, भाजपा विधायक विनोद कुमार ने विपक्ष की ओर से राज्यपाल की गाड़ी रोकने और हंगामा करने का जिक्र कर दिया। इसके बाद दोनों ओर से आरोपों की बौछार हो गई। हालांकि, तीखी नोकझोंक के बाद अध्यक्ष ने भाजपा विधायक नरेंद्र ठाकुर और शांडिल को प्वाइंट आफ ऑर्डर के जरिये विषय रखने की अनुमति दी, तब जाकर मामला शांत हुआ।
प्रश्नकाल के दौरान छह विधायक रहे अनुपस्थित
शिमला। विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान छह विधायक अनुपस्थित रहे। सोमवार दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। पहला प्रश्न विधायक जवाहर ठाकुर का बागवानी को लेकर था, लेकिन वह सदन में मौजूद नहीं थे। दूसरा सवाल विधायक रीना कश्यप का शिक्षा से संबंधित था, लेकिन वह भी सदन में नहीं थीं। विधायक सुरेंद्र शौरी, अर्जुन सिंह, पवन काजल, आशीष बुटेल और इंद्रदत्त लखनपाल भी अनुपस्थित होने के कारण सवाल सदन में नहीं उठा सके।