मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी पुस्तिका जारी की। योजना के तहत ऋण धारकों से मूल धन तो पूरा लिया जाएगा लेकिन ब्याज सहित अन्य बैंक खर्चों में छूट देकर राहत दी जाएगी।
कोरोना संकट के चलते ऋण नहीं चुका पा रहे उपभोक्ताओं के लिए राज्य सहकारी बैंक बड़ी राहत लेकर आया है। बैंक इनके लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लेकर आया है। इसके तहत ब्याज दर में पचास से साठ फीसदी छूट देकर ऋण मामलों का निपटारा किया जाएगा। मौके पर भुगतान करने पर ऋण धारकों को दस फीसदी की अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी। बैंक प्रबंधन ने इस योजना के तहत दो हजार ऋण मामलों का निपटारा कर करीब 30 करोड़ रुपये वसूल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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राजधानी शिमला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी पुस्तिका जारी की। योजना के तहत ऋण धारकों से मूल धन तो पूरा लिया जाएगा लेकिन ब्याज सहित अन्य बैंक खर्चों में छूट देकर राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम कठिन दौर से गुजर रहे हैं। कोरोना संकट के चलते बैंकिंग सेक्टर भी प्रभावित हुआ है। ऋण लेने वालों ने राहत देने की मांग की है। इसके चलते वन टाइम सेटलमेंट नीति लाई गई है। योजना के तहत कवरेज के लिए राशि की सीमा 20 लाख रुपये तक तय की गई है।
शहरी विकास और सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्य सहकारी बैंक के 15.56 लाख उपभोक्ता हैं। बिजली परियोजनाओं में बैंक का पैसा लगा है, लेकिन प्रोजेक्ट शुरू नहीं हुए हैं। इस कारण ही बैंक का एनपीए बढ़ रहा है। इन्हें इस योजना में लाना चाहिए। बैंक के अध्यक्ष खुशी राम बालनाहटा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और एकमुश्त निपटान नीति की मुख्य विशेषताओं की विस्तृत जानकारी दी। बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा ने बैंक की गतिविधियों की जानकारी दी।