जनता ने नकारा ऑपरेशन लोटस, प्रदेश में कांग्रेस सरकार मजबूत : हर्षवर्धन
विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने शुक्रवार को विधानसभा सदन में निंदा प्रस्ताव लाया। चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में सदन के भीतर इस तरह का ड्रामा पहले कभी नहीं हुआ है। अगर हम पूर्व की घटना पर जाएं तो नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा था कि अब सरकार को तो भगवान भी नहीं बचा सकता है। विधानसभा अध्यक्ष ने संसदीय कार्यमंत्री का यह प्रस्ताव मंजूर किया। हर्षवर्धन ने कहा कि प्रदेश की जनता ने सरकार को बचाया है। पहले की तरह कांग्रेस के विधायकों की संख्या 40 ही है। भाजपा के ऑपरेशन लोटस को जनता ने नकारा है। हिमाचल में कांग्रेस सरकार मजबूत है। भाजपा विधायकों को 2027 तक विपक्ष में बैठना है। उन्होंने कहा कि सरकार विपरीत आर्थिक स्थितियों से गुजर रही है। भाजपा विधायकों को सहयोग करना चाहिए।
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा के नियम-कानून हैं। उसी दायरे में रहकर व्यवस्था रहती है। किसी भी विषय को लेकर पहले नोटिस दिया जाता है। सरकार को इसका जवाब देने के लिए एक दिन का समय दिया जाता है। भाजपा विधायक बलबीर वर्मा ने जो नियम 62 में मामला उठाने की बात कही, उसे लिस्ट कर दिया। अगर कोई मुझे सिखाना चाहे तो मेरी उम्र सीखने की नहीं है। मैं अपनी बात पर अडिग हूं। मंत्री चंद्र कुमार को छोड़कर सदन में बैठे सभी सदस्य मेरे बाद आए हैं। मुझे मालूम है कि मुझे सदन के भीतर क्या बोलना है। भाजपा विधायक विरोध प्रदर्शन के बाद बाजू में काली पट्टी बांधकर सदन में पहुंचे। उन्होंने विपक्ष को नियमों का हवाला देते हुए कहा कि काले बिल्ले लगाकर सदन में प्रवेश नहीं किया जा सकता है। इन्हें हटाएं, नहीं तो कार्रवाई होगी। ये मेरा अधिकार है।
जोगिंद्रनगर में नालियां नहीं बनाने की होगी जांच : अनिरुद्ध
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अनुपस्थिति में ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने जोगिंद्रनगर में सड़क खोदाई के बाद नालियां नहीं बनाने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं। शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक प्रकाश राणा ने यह मामला उठाया। राणा ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों ने उनके क्षेत्र में 84 किलोमीटर सड़क की खोदाई की है। इसकी एवज में कंपनियों ने लोक निर्माण विभाग को 9.56 करोड़ रुपये दिए। लेकिन अभी तक विभाग ने नालियां नहीं बनाई हैं। इस कारण क्षेत्र में कई सड़कें धंसने लगी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पैसा होने के बावजूद काम क्यों नहीं किया जा रहा। जवाब में मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि नालियां बनाने के टेंडर जल्द लगाए जाएंगे।
नवनिर्वाचित विधायक विवेक ने कुटलैहड़ के लिए मांगे उद्योग
विधायक विवेक शर्मा ने कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित करने का मामला उठाया। विवेक ने नया औद्योगिक क्षेत्र तैयार करने के लिए विभागीय अधिकारियों को 300 कनाल भूमि दिखाई गई है। बल्क ड्रग फार्मा पार्क का कुछ काम कुटलैहड़ में भी होना चाहिए। जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बसाल में औद्योगिक क्षेत्र स्थित है। यहां 227 रोजगार दिए गए हैं। नए उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार प्रयासरत है।
प्रदेश को जल्द मिलेंगे 25 नए रेडियोलॉजिस्ट : शांडिल
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश को जल्द ही 25 नए रेडियोलाॅजिस्ट मिल जाएंगे। प्रदेश के जिन-जिन क्षेत्रों में रेडियोलाॅजिस्ट की कमी है, वहां इन्हें नियुक्त किया जाएगा। इन दिनों रेडियोलाॅजिस्ट का प्रशिक्षण चल रहा है। विधायक बलवीर वर्मा ने सदन में मामला उठाते हुए कहा कि चौपाल में अल्ट्रासाउंड की मशीन तो है लेकिन रेडियोलाजिस्ट कोई नहीं है। क्षेत्र से 300 किलोमीटर दूर इस सुविधा के लिए लोगों को जाना पड़ रहा है।
किसानों की मांग के अनुसार वितरित किए जाते हैं बीज : चंद्र
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश में किसानों को उनकी मांग के अनुसार बीज दिए जाते हैं। किसानों की जरूरत के अनुसार ही विभाग खरीद करने के लिए टेंडर लगाता है। अगर किसानों की मांग अधिक होगी तो ज्यादा मात्रा में बीज खरीद के लिए टेंडर लगाए जांएगे। विधायक हंसराज ने सदन में मामला उठाते हुए कहा कि चुराह में मक्का, बीन और मटर के बीज पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहे हैं। किसानों को मक्का का बीज बाजार से अधिक कीमत पर खरीदना पड़ रहा है।
मंत्री विक्रमादित्य बताएं, कब स्मार्ट सिटी बनेगा मंडी : अनिल
भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से पूछा कि मंडी स्मार्ट सिटी कब बनेगा। अनिल शर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी और मंत्री विक्रमादित्य ने मंडी को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही थी। आरोप लगाया कि जुलाई में शहरी विकास विभाग की ओर से मंडी नगर निगम भवन में मंत्री के चुनाव प्रचार के लिए कैंप आफिस खोलने का पत्र भी जारी हुआ था। जवाब में मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि जून 2015 में धर्मशाला और शिमला को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला था। अभी नया शहर नहीं जोड़ा गया है। सर्वे के आधार पर ही भविष्य में नए शहर चुने जाएंगे। इसी सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है। नगर निगम भवनों में कैंप आफिस नहीं बनाए जाते।