मंडी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के बहाने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। इससे सही वक्त पर एक नई सियासी बिसात बिछाएंगे। लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव में हार का झटका खाने के बाद मुख्यमंत्री अब मंडी में भारी भीड़ जुटाकर दमखम दिखाएंगे। अगर पीएम की यह रैली सफल रही तो मुख्यमंत्री अगले चुनाव से पहले एक सियासी संदेश भी दे जाएंगे। इससे वह पार्टी के भीतर और बाहर के विरोधियों के मुंह बंद करने का भी प्रयास करेंगे।
पिछले लोकसभा चुनाव में चारों सीटों पर रिकॉर्ड मार्जिन से कांग्रेस को हराने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष और तमाम विरोधियों के हौसले पस्त कर दिए थे। इस बार उपचुनाव में चारों सीटों पर भाजपा की हार ने उनके पिछले रसूख पर पानी फेरने का प्रयास किया है। पिछले लोस चुनाव में मोदी की प्रचंड लहर का आसरा था, मगर उपचुनाव में यह सहारा नहीं था।
महंगाई, भितरघात, पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के आकस्मिक देहांत के सहानुभूति फैक्टर, कोविड से आर्थिक तंगहाली और विकास कार्यों में रुकावट जैसे कई कारण उपचुनाव में हार का कारण माने जा रहे हैं। इससे मंडी लोकसभा सीट के अलावा अर्की, जुब्बल-कोटखाई और फतेहपुर विधानसभा हलकों में भाजपा चारों खाने चित हो गई। हालांकि, मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी ने हार का मार्जिन घटाकर उनकी लाज बचाने का प्रयास किया।
ऐसे में उन्होंने अपने चार साल के शक्ति प्रदर्शन और पीएम मोदी की इस रैली के लिए मंडी को चुनना वाजिब समझा। रैली को सफल करने के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष कोविड प्रोटोकाल और मौसम का साफ रहना भी बड़ी चुनौती होगा। सीएम ने करीब 12 हजार करोड़ की योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन पीएम के हाथों करवाने तथा 27 हजार करोड़ की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बहाने इसे एक यादगार रैली बनाने की तैयारी की है।