फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाहनों की हेडलाइट और टार्च के सहारे ढूंढीं लाशें

विज्ञापन
विज्ञापन
सिरमौर रेणुका टूरिस्ट बस हादसे में पुलिस प्रशासन को घायलों को खाई से निकालने में काफी दिक्कतें पेश आईं। जवानों को घायलों और शवों को गाडि़यों की हेडलाइट और टार्च के सहारे बाहर निकालना पड़ा। यही नहीं घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त वाहनों की सुविधा भी नहीं थी।
विज्ञापन


ऐसे में घायलों को खाई से बाहर निकालने के बाद जो वाहन मिला उससे अस्पताल पहुंचाया गया। बस में सवार यात्री रेणुका तीर्थ नगरी से लौटकर वापस पांवटा होते हुए सहारनपुर जा रहे थे। तभी मधारा घाट में यह हादसा हो गया।

बताया जा रहा है कि बस में सवार सभी यात्री सहारनपुर एवं आसपास के क्षेत्र से संबंधित थे। पुलिस के अनुसार बस चालक भूलवश बस को पंजाहल-नाहन मार्ग पर ले गया। बाद में किसी के बताने पर वह गाड़ी को पांवटा मार्ग पर ले जाने के लिए बैक करने लगा कि अचानक बस गहरी खाई में जा गिरी।
विज्ञापन


मौके पर पहुंचे एएसपी भगत सिंह ठाकुर ने बताया कि सहारनपुर से बस नंबर यूपी 11एपी-0178 में करीब 50 से 55 सहारनपुर के किशनपुरा और चाकुंबरी विहार कालोनी के श्रद्धालुओं को लेकर सोमवार तड़के 4:45 पर रेणुका के लिए चले थे।
विज्ञापन

घायलों ने बताया कैसे हुआ हादसा

सहारपुर से रेणुका माता मंदिर दर्शन करके लौट रहे श्रद्धालुओं से अमर उजाला ने बात की तो पता चला कि किस तरह से बस को बैक करते समय यह हादसा हुआ। सभी घायल अपने साथ हुए इस हादसे से घबराए हुए थे।

श्रद्धालुओं ने बताया कि शाम 5 बजे वह रेणुका माता के दर्शन किए। बस चालक बस को रेणुका से पांवटा वाया तिरमली होते हुए सहारनपुर के लिए लेकर जा रहा था। यहां जब चालक को पता चला कि वह गलत मार्ग पर आ गए हैं तो उसने गाड़ी को मोड़ने के लिए बैक किया। इसी दौरान बस मधारा मोड़ के पास करीब 250 फुट गहरी खाई में गिर गई।

बस के घायल किशनपुरा निवासी रामकिशन भाटी, सुनील कुमार, विजय वर्मा, नाथी राम, विजय पाल एवं सूरज ने अमर उजाला को बताया कि बस को चालक बैक कर रहा था। बस अचानक खाई में गिर गई। उन्हें कुछ लोग लहूलुहान हालत में ददाहू अस्पताल लेकर आए।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें