सरकार ने नए कानून में ये व्यवस्था की है कि टैक्स वापसी का गलत क्लेम करने वालों को अब भारी-भरकम जुर्माना नहीं लगेगा।
हिमाचल सरकार ने प्रदेश के कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने नए कानून में ये व्यवस्था की है कि टैक्स वापसी का गलत क्लेम करने वालों को अब भारी-भरकम जुर्माना नहीं लगेगा। ये जुर्माना सरकार मौजूदा पेनल्टी से आधा करने की तैयारी में है।
मंगलवार को इस संबंध में आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने संशोधन विधेयक को सदन के पटल पर रखा। इसे आगामी दिनों में पारित किया जाएगा। मंगलवार को प्रदेश विधानसभा में हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्द्धित कर (संशोधन) विधेयक 2016 को पेश किया गया।
नए संशोधन विधेयक के अनुसार यदि कोई व्यापारी अपने रिटर्न को फाइल करते समय पात्रता न होने के बावजूद इनपुट टैक्स क्रेडिट को क्लेम करता है तो विभाग उस पर अतिरिक्त दोगुने के बराबर का टैक्स और ब्याज का जुर्माना लगा सकता था।
अब इसे केवल मौजूदा टैक्स और ब्याज के बराबर ही देना पड़ेगा। अगर व्यापारी इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम को गलत भरता है तो उसे क्लेम की गई राशि के 50 प्रतिशत तक का जुर्माना भरना पड़ता है। आगे से अब इसे 25 फीसदी ही देना पड़ेगा। इसी विधेयक में ये भी व्यवस्था की गई है कि अब वैट का भुगतान ऑनलाइन भी किया जा सकेगा।