सरकार राजधानी शिमला के लोगों को सस्ते राशन की दुकानों पर चोकर युक्त आटा उपलब्ध करवाया रही है।
- फोटो : अमर उजाला
सरकार राजधानी शिमला के लोगों को सस्ते राशन की दुकानों पर चोकर युक्त आटा उपलब्ध करवाया रही है। आटे में चोकर मात्रा से अधिक पाई जा रही है। इससे रोटी बनाना आसान नहीं। निम्न स्तर के आटे को लेकर रोजाना खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कार्यालय में शिकायतें पहुंच रही हैं।
मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने डिपुओं के आटे की गुणवत्ता जांचने के लिए रियलिटी चैक किया। अमर उजाला की टीम मंगलवार दोपहर लोअर बाजार स्थित सस्ते राशन की दुकान में पहुंची। डिपो संचालक से जांच के लिए एक किलो आटा मांगा गया।
छानने के बाद आटे से 150 ग्राम चोकर निकला। डिपुओं में लोगों को एक राशन कार्ड पर 30 किलो आटा दिया जा रहा है। इस तरह अनुमान लगाया जाए तो 30 किलो आटे में 4 किलो 500 ग्राम चोकर निकल रहा है। इस तरह लोगों को एक राशन कार्ड पर 30 किलो के स्थान पर मात्र साढ़े 25 किलो ही आटा मिल पा रहा है।
पैकेट में चोकर लेकर शिकायत करने आ रहे लोग
उपायुक्त कार्यालय स्थित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के दफ्तर में इन दिनों लोग पैकेट में चोकर लेकर शिकायत करने पहुंच रहे हैं। कार्यालय में तैनात अधिकारियों को चोकर दिखा कर क्वालिटी में सुधार की गुहार लगाई जा रही है।
सेहत को नुकसान का अंदेशा
सस्ते राशन की दुकान में सामान लेने आई पूजा, आरती, प्रिया और राम मोहन ने बताया कि आटे में चोकर की मात्रा बहुत अधिक है। आटे की क्वालिटी सही न होने के कारण सेहत को नुकसान पहुंचने का खतरा है।