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विधानसभा बजट सत्र: पटाखा फैक्टरी मामले में मुकेश ने उठाया सवाल, पूछा- पुलिस और सीआईडी क्या कर रही थी

Thu, 24 Feb 2022 10:17 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

नेता प्रतिपक्ष  मुकेश बोले कि इन्वेस्टर मीट के लिए एलान किया गया है कि निवेश करो और अनुमति बाद में लें। इसी से ये गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि फैक्टरी में इतना विस्फोटक कहां से आया। नोवाटेक तो यहां पर धर्मकांटे बनाता था। उसका यह काम बंद हो गया था। अग्निहोत्री ने कहा कि यह अवैध पटाखा फैक्टरी नोवाटेक कंपनी की नहीं, जयगुरु की है। 
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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने अपने हलके हरोली में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्टरी के मामले में सवाल उठाया कि पुलिस और सीआईडी क्या कर रही थी। यह फैक्टरी अधिकारियों की मिलीभगत के बगैर नहीं चल सकती थी। मुकेश बोले कि इन्वेस्टर मीट के लिए एलान किया गया है कि निवेश करो और अनुमति बाद में लें। इसी से ये गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि फैक्टरी में इतना विस्फोटक कहां से आया। नोवाटेक तो यहां पर धर्मकांटे बनाता था। उसका यह काम बंद हो गया था। अग्निहोत्री ने कहा कि यह अवैध पटाखा फैक्टरी नोवाटेक कंपनी की नहीं, जयगुरु की है। 

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सदन में प्रश्नकाल के बाद मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस मामले के मेन किंगपिन को पकड़ा जाए। उसकी संपत्ति कुर्क की जाए। यह पार्टी विशेष का सवाल नहीं। एक सख्त संदेश दें। एक्सप्लोसिव एक्ट में कार्रवाई करें। एक ही समय में तीन-तीन जांचें करवा रहे हैं। डीजीपी उसी क्षेत्र के अधिकारियों को एसआईटी में शामिल न करें। अग्निहोत्री बोले कि छह लोग जिंदा जल गए। यह बड़ी घटना है। ऐसे ही पुलवामा में भी आरडीएक्स इस्तेमाल हुआ। जहां विस्फोट हुआ, वह भी सीमा से लगता इलाका है। 50 लोगों की लेबर अवैध कारखाना चला रही थी। 

भविष्य में ऐसी घटना न हो, उद्योग, श्रम और पुलिस महकमों को विशेष निर्देश : जयराम  
 मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ऊना में पटाखा फैक्टरी में धमाके की घटना पर कहा कि यह बहुत ही दुखद है। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए इंडस्ट्रियल एरिया में सभी विभागों को नजर रखने को कहा गया है। हर तरह से जांच हो रही है। उद्योग, श्रम और पुलिस महकमों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे भविष्य में ऐसी घटना न होने दें।  
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वहां के सरपंचों को सूचित करना चाहिए था, मुकेश भी रह चुके उद्योग मंत्री : बिक्रम सिंह 
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह बोले कि जो भी वहां हुआ है, वह गलत हुआ है। फैक्टरी वालों के पास न तो बिजली और न पानी का कनेक्शन था। आवेदन ही नहीं किया। इसमें ईज ऑफ डूइंग पर उंगली उठाना सही नहीं। धारा 118 के तहत नोवाटेक इंजीनियर नाम से आवेदन हुआ। विभाग से बातचीत भी की है। किसी भी प्रकार की किसी भी महकमे से अनुमति नहीं है। वहां के सरपंचों और प्रतिनिधियों को सूचित करना चाहिए था। ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में ऐसा कहीं नहीं कहा है कि बगैर अनुमति के ऐसे उद्योग चलाएं। मुकेश भी उद्योग मंत्री रहे हैं। उन्हें चीजें पता होनी चाहिए। 

क्या लेबर इंस्पेक्टर को यह पता नहीं था - वहां पर अवैध फैक्टरी चल रही : सिंघा 
माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा है कि क्या लेबर इंस्पेक्टर को यह पता नहीं था कि वहां पर अवैध फैक्टरी चल रही थी। कुछ काला है। इसके संकेत साफ हैं। ईज ऑफ डूइंग का यह मतलब नहीं है कि बगैर अनुमति से यहां कोई भी कारखाना लग जाए। अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 

एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत भी अफसरों पर कार्रवाई करें : सुक्खू 
फैक्टरी मामले में कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि पेट्रोल पंप भी लगे, उसके लिए एक्सप्लोसिव का लाइसेंस चाहिए। एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत भी अफसरों पर कार्रवाई करें। 
 

ओल्ड पेंशन पर निर्णय ले सरकार, नहीं तो कांग्रेस सत्ता में आने पर करेगी बहाल

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि प्रदेश सरकार ओल्ड पेंशन बहाल करे। ऐसा नहीं किया गया तो कांग्रेस सत्ता में आने पर इसे बहाल करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कर्मचारियों को धमका रहे हैं। आंदोलन करना उनका अधिकार है। ऐसे में मुख्यमंत्री को कर्मचारियों से माफी मांगनी चाहिए। अगर भाजपा सरकार ने काम किए होते तो आज प्रदेश में प्रदर्शन न होते।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आंदोलन विपक्ष के साथी की शह पर हो रहे हैं। यह तरीका ठीक नहीं है। इससे कल्चर तबाह हो सकता है। सरकार कर्मचारी हितैषी है। आंदोलन में सब कर्मचारी नहीं बल्कि कुछ इनके नेता हैं। सहजता से मांगों को सुना जा रहा है। इस तरह की गतिविधियों को बदलने की जरूरत है। 

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राजस्थान ने ओल्ड पेंशन स्कीम की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का अंतिम साल है। इसलिए मुख्यमंत्री को गुस्सा आ रहा है। मुख्यमंत्री तानाशाह बन गए हैं। वेतनमान को लेकर कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति है। सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बनाने के लिए कैबिनेट सब कमेटी बनाई है। लेकिन यह पता नहीं है कि हिमाचल में कितने आउटसोर्स कर्मचारी हैं। कंपनियां लूट रही हैं। कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। उन्होंने इन कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बनाने की मांग की। करुणामूलक नौकरी के लिए उम्मीदवार 200 दिनों से हड़ताल पर हैं। सरकार चोर दरवाजे से नौकरियां दे रही है। मंडी और धर्मपुर में ही लोगों को रोजगार दिया गया है।  

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सीएम और नेता प्रतिपक्ष आमने-सामने
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष विधानसभा में आमने-सामने हो गए। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार पर कई आरोप लगाए। इसी बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में ठेका आवंटन में काफी गड़बड़ियां हुई हैं। डेढ़ सौ करोड़ की रिकवरी लंबित है। सब कुछ सामने आया तो आपके लिए मुश्किल हो जाएगा।

सीएम बोले - पहले भी जो आंकड़े दिए, सब झूठे निकले
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता ने पहले भी सदन में जो आंकड़े पेश किए थे, वह सब झूठे निकले हैं। इसकी जांच की गई है। यह आंकड़े भी झूठे ही हैं। 
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तीन साल में 5106 लोगों को बंदूक लाइसेंस जारी 

हिमाचल सरकार ने तीन साल के भीतर 5106 लोगों को बंदूक लाइसेंस जारी किए हैं। पालमपुर से विधायक आशीष बुटेल के प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी दी। हमीरपुर में 316, मंडी में 652, लाहौल स्पीति में 12, बिलासपुर में 128, कुल्लू में 182, ऊना में 439, किन्नौर में 21, चंबा में 58, सोलन में 528, सिरमौर में 463, शिमला में 1677 लाइसेंस जारी किए गए हैं। 

बिलासपुर एम्स का कार्य प्रगति पर : सैजल
स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने कहा कि बिलासपुर एम्स का कार्य प्रगति पर है। एम्स में मरीजों को सेवाएं मिलना शुरू हो गई हैं। विधायक रोहित ठाकुर के सवाल पर मंत्री ने लिखित में यह जानकारी दी। वहीं, विधायक आशीष बुटेल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पंचायतों में तीन वर्षों में 4911 मकान स्वीकृत हुए हैं। 
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