शाही ट्रेन 'पैलेस ऑन व्हील्स' एक तरह से पटरी पर दौड़ता राजस्थान है। यह ट्रेन पुराने रजवाड़ों के राजसी ठाठ-बाट के साथ यात्रियों को शाही अंदाज़ में सफ़र करवाने के लिए शुरू की गई थी। इस ट्रेन में वो कोच लगाए गए थे, जिनका इस्तेमाल पहले के महाराजाओं ने किया था।
हालांकि बाद में 1991 में उन कोचों को बदल दिया गया। इस शाही ट्रेन में कुल 22 कोच हैं. जिनमें 14 कोच के नाम पुराने रजवाड़ों; अलवर, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, धौलपुर, डूंगरपुर, जैसलमेर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, किशनगढ़, कोटा, सिरोही और उदयपुर के नाम पर हैं।
ट्रेन के हर कोच में चार केबिन हैं और ये यात्री सैलून ख़ास शैली में सजाए गए हैं। ढोला मारू और बूंदी शैली के चित्र, जैसलमेर की हवेलियों और सोनार क़िले से लेकर, उदयपुर के शाही मयूर की झलक, यहां मौजूद है।
साथ ही खूबसूरत फर्नीचर, गलीचे, परदे, सुसज्जित बार, महाराजा और महारानी नाम से दो रेस्टोरेंट इस ट्रेन में मौजूद हैं। ट्रेन में लज़ीज़ खाना, स्पा और राजपूती साफे और पोशाक में तैनात खिदमतगार भी आपकी सेवा में लगे रहते हैं।