राजस्थान के जोधपुर जिले में कथित रानी खेत बीमारी की वजह से पिछले तीन दिनों में 80 से अधिक प्रवासी पक्षी कुरजां (डेमोइसेल क्रेन) की मौत हो गई। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। वहीं, वरिष्ठ पशु चिकित्सक श्रवण सिंह राठौर ने कहा कि लगभग 100 बीमार पक्षियों का इलाज किया जा रहा है और प्रथम दृष्टया वे रानीखेत रोग से संक्रमित हैं।
कापरड़ा गांव के सेज हाईवे स्थित तालाब पर हजारों किलोमीटर का सफर तय कर शीतकालीन प्रवास पर आई सैकड़ों कुरजां का बिलाड़ा में बनाए गए अस्थाई बचाव केंद्र में इलाज किया जा रहा है। कुरजां की जान बचाने के लिए वनविभाग, पशु चिकित्सालय और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम लगी हुई है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मृत पक्षियों का विसरा जांच के लिए भोपाल भेजा गया है और मौत का सही कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।
रानीखेत रोग को पश्चिम में न्यूकैसल रोग के रूप में भी जाना जाता है। यह एक तीव्र वायरल रोग है, जो पक्षियों के श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और अत्यधिक घातक है। इससे पहले नवंबर 2019 में राजस्थान के सांभर झील में एवियन बोटुलिज्म से बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों की मौत हुई थी। एनजीटी ने इन सामूहिक मौतों में हस्तक्षेप किया था और जांच के लिए एक समिति का गठन किया था।