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Satta ka Sangram: पुराने भाजपाइयों की टक्कर से जीत का अंतर होगा कम, राष्ट्रवाद अपनी जगह पर स्थानीय विकास जरूरी

Sun, 07 Apr 2024 10:43 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

प्रदेश में जितनी तेजी से गर्मी बढ़ रही है, लोकसभा चुनावों की सरगर्मी भी उतनी ही तेजी से बढ़ती जा रही है। इस बार के चुनावों में मतदाता किन चुनावी मुद्दों और उम्मीदों के साथ मतदान करेंगे, यह जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने कोटा के मतदाताओं के साथ चाय पर चर्चा की। 
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सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में जितनी तेजी से गर्मी बढ़ रही है, लोकसभा चुनावों की सरगर्मी भी उतनी ही तेजी से बढ़ती जा रही है। इस बार के चुनावों में मतदाता किन चुनावी मुद्दों और उम्मीदों के साथ मतदान करेंगे, यह जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने कोटा के मतदाताओं के साथ चाय पर चर्चा की। 
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अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' रविवार को कोटा पहुंचा। प्रदेश की हॉट सीट बने इस लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भाजपा प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं और इनके सामने पुराने भाजपाई प्रहलाद गुंजल कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे हैं। इन चुनावों को लेकर मतदाताओं के क्या चुनावी मुद्दे और उम्मीदें हैं, यह जानने के लिए हमारी टीम ने यहां के लोगों से चाय पर चुनावी चर्चा की।

विकास का सिर्फ दिखावा हुआ है

दादाबाड़ी में हुई इस चुनावी चर्चा में चाय की दुकान चला रहे बबलू का कहना है कि ओम बिरला के समय पर कोटा में कोई खास विकास कार्य नहीं हुआ है। सीतारामजी का कहना है कि पिछले दस साल में विकास का सिर्फ दिखावा हुआ है। चंद्रप्रकाश शर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यहां अब तक एयरपोर्ट का विकास नहीं हो पाया है। प्रहलाद गुंजल के कांग्रेस प्रत्याशी होने से चुनावी समीकरणों में थोड़ा बदलाव जरूर होगा। कोचिंग हब होने के चलते यहां अब तक आईआईटी खुल जाना चाहिए था, जो अब तक नहीं हो पाया है।
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अब तक नहीं बना एयरपोर्ट

मनीष माथुर का कहना है कि कोटा का विकास अब भी अधूरा है। अब तक कोटा में एयरपोर्ट नहीं बन पाया है। राष्ट्रवाद के नाम पर मोदी जी को वोट देंगे लेकिन स्थानीय विकास अपनी जगह है। पिछले दस साल से यहां का विकास अटका पड़ा है। प्रहलाद गुंजल के चुनाव मैदान में उतरने से केवल भाजपा के वोट कटेंगे। उनकी उम्मीद है कि इस बार चुनाव जीतने के बाद यहां के सांसद विकास की तरफ ध्यान देंगे।

इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट होना चाहिए

यहीं मौजूद दिनेश दुबे का कहना है कि यहां इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट किया जाना चाहिए। स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ रहा है, इसके लिए यहां पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाना चाहिए। प्रहलाद गुंजल के सामने आने से चुनावों में कोई खास असर नहीं होगा।

जीत का अंतर होगा कम

कृष्ण का कहना है कि ओम बिरला का जीतना तय है लेकिन जीत का अंतर इस बार कम होने की संभावना है। रजनीश कहते हैं कि कोटा के विकास में दोनों ही पार्टियों के सांसदों का पूरा योगदान रहा है। इस बार बदलाव हो सकता है। धर्म के नाम पर राजनीति नहीं होना चाहिए।
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