डेयरी के चेयरमैन ने पकड़ी गड़बड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
अलवर की सरस डेयरी में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गई है। डेयरी के चेयरमैन ने एमडी को शिकायत की। एमडी ने बहरोड़ रूट से आने वाले एक टैंकर को पकड़ा, जिसका वजन बाहर कांटे पर कराया गया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। उसी टैंकर को पहले डेयरी के प्लांट पर कांटे पर तोला गया तो 460 लीटर दूध ज्यादा मिला। बाद में पता लगा कि कांटे की तुलाई के सिस्टम को हैक कर तोल में दूध बढ़ाते थे।
सरकारी सिस्टम में यह बड़ा घोटाला पकड़ा है। अभी एक ही टैंकर पकड़ में आया है, जिसके दूध की मात्रा तुलाई में 460 लीटर बढ़ा दी गई। यानी कांटे पर इतना बड़ा खेल होता था कि टैंकर का दूध बढ़ाकर एक बार में ही सरकार को करीब 25 हजार रुपये का चूना लगाते थे। इस तरह दिन में 10 से 12 टैंकर बड़े आते हैं। यदि यह खेल सबमें होता है तो रोजाना 1 से 2 लाख रुपए की गड़बड़ी की गई है।
मामले में चेयरमैन विश्राम गुर्जन ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्हें शिकायत मिली थी कि कांटे में गड़बड़ी हो सकती है। उसके बाद कांटे की तुलाई के समय विशेष फोकस किया गया। एक व्यक्ति को इसकी जिम्मेदारी दी गई। उसने जांच की तब पता चला कि कांटे के तोल में बड़े स्तर पर गडबड़ी हो रही है। जिसकी शिकायत एमडी को दी। एमडी ने पहले विश्वास नहीं किया कि कांटे में भी गड़बड़ी हो सकती है, लेकिन एक दिन पहले उस दूध टैंकर को पकड़ा गया, जिसकी पहले कांटे पर तुलाई हो गई थी। उसका तौल लेकर बाहर के कांटे पर तुलाया गया, तब पता चला कि दूध 460 लीटर बढ़ाया गया है।
एमडी बोले मुझे विश्वास नहीं हुआ
एमडी नरेश विजय ने बताया कि उन्हें डेयरी चेयरमैन ने जनकारी दी थी। पहले तो विश्वास नहीं हुआ कि कांटे पर गड़बड़ी हो सकती है। लेकिन, टैंकर पकड़ने के बाद पता चला कि यह बड़ी गड़बड़ी है। इस मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस को रिपोर्ट देकर मामला दर्ज कराया है। दोषियों को चिह्नत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह पता लगा रहे हैं कि कितने टैंकर में गड़बड़ी होती थी और कब से हो रही थी। यह सही है कि पकड़े गए टैंकर में करीब 25 हजार रुपए का दूध कम मिला। यह पूरा खेल चिप से हो रहा था। लेकिन, यह कैसे हो रहा था, इसकी जांच की जा रही है। इसके लिए एक्सपर्ट टीम का सहारा लिया जाएगा।