पिछले चुनाव में भी बड़ी सफलता
2012 में आम आदमी पार्टी के गठन के कुछ ही समय बाद 2017 में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में भी आम आदमी पार्टी को काफी अच्छी सफलता मिली थी। पार्टी ने पिछले चुनाव में 23.80 वोट फीसदी के साथ 20 सीटें हासिल की थीं। माना जाता है कि चुनाव के समय पार्टी के कुछ नेताओं की महत्त्वाकांक्षा से काफी नुकसान हुआ अन्यथा पिछले चुनाव में ही पार्टी बड़ी सफलता हासिल करते हुए सत्ता के करीब पहुंच सकती थी।
भाजपा ने केजरीवाल को बताया नाकाम
दिल्ली भाजपा मीडिया सेल के इंचार्ज नवीन कुमार जिंदल ने अमर उजाला से कहा कि अरविंद केजरीवाल हर जगह असफल साबित हुए हैं। केजरीवाल अपने मुहल्ला क्लीनिक की ढोल पीटते रह गए, लेकिन कोरोना काल में पूरे देश ने देखा कि केंद्र सरकार की सहायता के बिना वे अपने नागरिकों को उचित इलाज तक नहीं उपलब्ध करा पाए। हर बारिश के बाद उनकी असफलता की कहानी हर सड़क, गली, मुहल्ले में दिखाई देने लगती है। इधर दिल्ली के लोग बारिश में परेशान हो रहे हैं और उधर केजरीवाल जगह-जगह घूमकर अपना प्रचार कर रहे हैं। नवीन कुमार जिंदल ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली के लोगों के टैक्स का पैसा दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार पर खर्च कर रहे हैं। उनका कामकाज करने का तरीका देश के किसी भी राज्य में सफल नहीं हो सकता। भाजपा नेता ने कहा कि सर्वेक्षण का परिणाम पंजाब के संदर्भ में सही साबित नहीं होगा।
क्या कहता है चुनावी सर्वे
एक चैनल और एक एजेंसी के सर्वे में दावा किया गया है कि आगामी विधानसभा चुनावों में पंजाब में आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार 41.8 फीसदी वोटों के साथ सत्ता में वापसी कर सकती है। उसे 260 के करीब सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। उत्तराखंड में भी भाजपा लगभग 43 फीसदी वोट और 44 से 48 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रख सकती है। मणिपुर, गोवा में भी भाजपा के सरकार में आने का अनुमान लगाया गया है।