एक दिन पारस जोगिंदर से उसका इंडक्शन व चार्जर इस्तेमाल के लिए ले गया लेकिन बार-बार कहने पर भी जोगिंदर उसकी उधारी व इंडक्शन वापस नहीं कर रहा था। सात दिसंबर को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खाना खाने के बाद जोगिंदर पारस से इंडक्शन चूल्हा लेने पीजी गया था। जोगिंदर के पिता व उसका छोटा भाई मोहित उसके ताया के घर जुझार नगर में रहते हैं। वह दोपहर का खाना उन्हीं के घर पर खाकर गया और भाई को बोलकर गया कि वह पारस से इंडक्शन लेने उसके पीजी जा रहा है, इसके बाद आकर दुकान खोलेगा।
पारस के कमरे में जाता दिखा जोगिंदर
जोगिंदर सांई पीजी में पारस के कमरे में गया। वहां दोनों की बहस हुई और उसके बाद पारस ने चाकू से जोगिंदर पर हमला किया। चाकू का एक वार जोगिंदर की ठुडी के नीचे व दूसरा कान के नीचे गर्दन पर किया गया। इसके बाद उसके सिर पर तवे से चार से पांच वार कर हत्या कर दी गई। सीसीटीवी कैमरे में जोगिंदर पारस के कमरे में दाखिल होता दिखाई दिया लेकिन आता हुआ नहीं दिखा। कुछ देर बाद पारस एक सफेद रंग की बोरी को घसीटता हुआ सीसीटीवी कैमरे में नजर आया। उसने सीढ़ियों से बोरी को नीचे उतारा और जोगिंदर के ही मोटरसाइकिल पर बोरी लादकर टीडीआई पहुंचा, जहां उसने शव को गंदे नाले में फेंका और फरार हो गया। पारस ने उसका मोटरसाइकिल चंडीगढ़ में पार्क किया और वहां से बस पकड़कर हिमाचल फरार हो गया। जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पत्नी व पांच साल की बेटी दिल्ली में
जोगिंदर के ताया के लड़के बलविंदर ने बताया कि जोगिंदर शादीशुदा है और उसकी पांच साल की बेटी है। पत्नी और बेटी दिल्ली में रहते हैं। जोगिंदर ने करीब तीन महीने पहले बलौंगी में फास्ट फूड की दुकान खोली थी। उसके पिता को डेंगू हो गया है, व बड़े भाई के पास जुझार नगर में रह रहे हैं। वहीं उसका छोटा भाई भी लंबे समय से ताया के घर पर ही रह रहा है। जोगिंदर मलोया में अकेला रहता था।
जोगिंदर के घर लौटकर न आने से परिवार वाले बलौंगी पहुंचे तो फास्ट फूड की दुकान बंद थी। सांई पीजी में पारस के कमरे में भी लॉक लगा था और जोगिंदर का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। सुबह सवा 8 बजे उन्हें पुलिस ने बताया कि जोगिंदर का कत्ल हो गया है। इसके बाद परिवार ने जाकर उसकी शिनाख्त की।