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इसी सत्र से शुरू होगा डॉ. बीआर अंबेडकर मेडिकल कॉलेज, सौ एमबीबीएस सीटों की मंजूरी

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मोहाली। आखिरकार नौ साल के इंतजार के बाद फेज-6 स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज इसी सत्र से शुरू होगा। नेशनल मेडिकल कमीशन की तरफ से कॉलेज को मंजूरी दे दी गई है। संस्थान को सौ एमबीबीएस की सीटों की मंजूरी मिली है।
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संस्थान में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज फरीदकोट के अधीन रेगुलर कक्षाएं चलेंगी। मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने इस पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि संस्थान के शुरू होने से लोगों को काफी फायदा होगा। उन्हें इलाज के लिए चंडीगढ़ या बाहरी राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। इतना ही नहीं, इससे पीजीआई पर भी मरीजों का बोझ कम होगा। उन्होंने अधिकारियों को अन्य इंतजाम पूरे करने के आदेश दिए हैं।
मेडिकल कॉलेज को शुरू करने के लिए लंबे समय से तैयारी चल रही थी। पूर्व सेहतमंत्री एंव हलके के विधायक बलबीर सिंह ने भी कॉलेज को शुरू करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकी थी। गत साल भी प्रयास किए गए, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई थी। ऐसे में इस साल शुरू से ही इस चीज पर सरकार का पूरा फोकस था। 3 सितंबर को नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम ने कॉलेज की तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे थी। दो दिन के दौरे में निरीक्षण टीम ने कॉलेज स्टाफ की ओर से की गई तैयारियों पर संतुष्टि जताई थी। इसके बाद अब कक्षाएं शुरू करने के लिए मंजूरी दी गई।
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कॉलेज में किए गए हैं नई मशीनरी के इंतजाम
कॉलेज प्रबंधन की तरफ से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रबंधकों की मानें तो कॉलेज के अंदर पहले ही एमबीबीएस पढ़ाई से जुड़े प्रोफेसरों की नियुक्तियां की जा चुकी हैं और बाकी स्टाफ की नियुक्ति को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। दूसरी ओर, पंजाब के सेहत विभाग की ओर से कॉलेज के अंदर एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर मुहैया किया जा चुका है। कॉलेज में नई मशीनरी व अन्य इंतजाम किए गए हैं।
ऐसे शुरू हुआ मेडिकल कॉलेज बनाने का सफर
लोगों को बेहतर सेहत सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए साल 2012 में पंजाब की अकाली-बीजेपी सरकार के समय में 300 करोड़ रुपये की लागत से प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। उस समय इसे फेज-6 सिविल अस्पताल से ही इसे शुरू करने की तैयारी की गई थी, जिसमें केंद्र व राज्य सरकार की 60 : 40 के अनुपात में हिस्सेदारी तय हुई। शुरू में तय किया गया था कि 100 एमबीबीएस सीट रहेगी और बाद में 220 सीटों में तक इसकी क्षमता बढ़ाई दी गई। दूसरी ओर, पंजाब की राज्य सरकार द्वारा 2020-21 के वित्तीय बजट में कॉलेज के निर्माण को लेकर 157 करोड़ फंड रखा था।। यह पंजाब में चौथा सरकारी मेडिकल कॉलेज होगा। 1973 के बाद कोई नया सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है।
48 साल बाद खुल रहा है कॉलेज
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की ओर से यह मंजूरी डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की सभी समीक्षा रिपोर्ट उच्च दर्जे की पाए जाने के उपरांत जारी की गई है। डॉ. बीआर अंबेडकर की ओर से 25 सितंबर 1932 को किए गए ऐतिहासिक पूना पैक्ट की 89वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह पंजाब के लिए गर्व वाली बात है कि राज्य में 48 साल के बाद नया सरकारी मेडिकल कॉलेज खुल रहा है, जोकि डॉ. अंबेडकर जी के नाम पर है।
कोट्स...
मेडिकल कॉलेज के लिए लेटर ऑफ परमिशन लेने के लिए हमारी टीम ने दिन रात मेहनत की। इसका नतीजा है कि उन्हें नेशनल मेडिकल कमीशन की तरफ से अकादमिक सेशन 2021-22 शुरू करने को लेकर मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
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-भवनीत भारती, डायरेक्टर ऑफ प्रिंसिपल, डॉ. बीआर अंबेडकर मेडिकल कॉलेज, मोहाली
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