मोहाली। सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। डॉक्टरों को मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करना होगा। मरीजों को किसी भी कीमत पर बाहर से दवा लेने के लिए न लिखा जाए। अस्पताल की फार्मेसी में उपलब्ध दवाइयां ही मरीजों को लिखी जाएं। यह हिदायत शुक्रवार को जिला सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने विभाग के अधिकारियों को दी। वह जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में जरूरी व इमरजेंसी में दी जाने वाली दवाइयों की कोई नहीं है। यदि कहीं पर दिक्कत आती है तो तुरंत वेयरहाउस से दवाइयां मंगवाई जाएं। उन्होंने डॉक्टरों को हिदायत दी है कि अस्पताल में स्टाफ तय समय और रुटीन में आना चाहिए। जनता से डील करने वाले अधिकारी हर समय अपनी सीट पर मौजूद रहने चाहिए। संस्थाओं में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा अस्पताल में दी जाने वाली सुविधाओं व अधिकारियों के नाम बोर्ड पर लगाए जाएं ताकि बाहर से आने वाले लोगों को दिक्कत न हो। सहायक सिविल सर्जन डॉ. रेणु सिंह, डिप्टी कमिश्नर डॉ. दलजीत सिंह परदेसी, जिला परिवार नियोजन अफसर डॉ. निधि कौशल, जिला टीकाकरण अफसर गिरीश डोगरा समेत कई अफसर मौजूद थे।
हर समय तैयार रहना चाहिए इमरजेंसी स्टाफ
सिविल सर्जन ने कहा कि अस्पतालों में इमरजेंसी टीम व किट हर समय तैयार रहनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना के समय टीम मौके पर भेजी जा सके । इसके अलावा एंबुलेंस में इमरजेंसी किट समेत जरूरत का सारा सामान उपलब्ध करवाया जाए। अस्पताल में सफाई को यकीनी बनाने और मेडिकल वेस्ट को सही तरीके से रखने के निर्देश भी दिए।
बीमारियों के प्रति करें जागरूक
सिविल सर्जन ने कोरोना महामारी से बचने के लिए कोविड टीकाकरण व सैंपलिंग अभियान को सफलता पूर्वक चलाने के लिए स्टाफ की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि दो साल से स्वास्थ्य विभाग की टीमें अच्छा काम कर रही हैं। हालांकि अभी यह काम चुनौतीपूर्ण है। बीमारी अभी तक खत्म नहीं हुई है ऐसे में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाएं। उन्होंने स्वाइन फ्लू, डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति भी लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।