हैबोवाल एरिया में कॉलोनाइजरों की तरफ से धड़ल्ले से काटी गई अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निकले गलाडा अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा। जैसे गलाडा अधिकारी बुलडोजर लेकर अवैध कॉलोनियों को तोड़ने पहुंचे तो कॉलोनाइजरों ने उनका जमकर विरोध किया। कोई बात न बनती देख कॉलोनाइजरों ने बुलडोजर के आगे धरना दे डाला, नतीजा यह निकला कि गलाडा अधिकारियों को बिना कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा।
सवाल यही है कि आखिरकार गलाडा अफसर समय रहते अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई क्यों नहीं करते। इन अवैध कॉलोनी में लोग प्लाट लेकर करोड़ों रुपये लगा चुके हैं। गलाडा की कार्रवाई के बाद उनमें हड़कंप का साफ माहौल दिख रहा है।
हैबोवाल के साथ लगते लादिया, मान पैलेस एरिया, जस्सियां रोड सहित अन्य एरिया में बीते कुछ समय के दौरान दर्जनों अवैध कॉलोनी काटी जा चुकी हैं। इन्हें कॉलोनाइजर गलाडा अप्रूव बताकर लोगों को अपने प्लाट बेच रहे हैं। अभी तक इन कॉलोनी में सैकड़ों लोग अपनी गाढ़ी कमाई खर्च कर प्लाट खरीद चुके हैं। वीरवार को गलाडा अधिकारियों को अचानक इन अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई की याद आ गई। गलाडा की पूरी टीम बुलडोजर लेकर इन कॉलोनी पर कार्रवाई करने के लिए निकल पड़ी। जैसे अफसर कॉलोनी पर बुलडोजर चलाने के लिए आगे बढ़े कॉलोनाइजर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गलाडा अधिकारियों की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान गलाडा अफसरों के साथ बहसबाजी भी हुई। जब कॉलोनाइजर ने देखा कि गलाडा अफसर कार्रवाई करने की पूरी तैयार कर चुके हैं, उन्होंने बुलडोजर के आगे धरना दे दिया, ताकि बुलडोजर उनकी कॉलोनी की तरफ बढ़ न सके। आखिरकार गलाडा अधिकारियों को बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा।
मौके पर मौजूद कॉलोनाइजर का कहना है कि उनकी कॉलोनी काफी पुरानी है, इसलिए उन पर कार्रवाई नहीं बनती है। वहीं गलाडा अफसरों का साफ कहना है कि चाहे कॉलोनी पुरानी है, उन्हें रेगुलराइज करवाना जरूरी है। वहीं नई अवैध कॉलोनी तो किसी हाल में काटी नहीं जा सकती, इसलिए वह कार्रवाई करने के लिए आए थे।
‘मैंने इस एरिया को पूरी तरह से घूमकर देखा है, मुझे पता है कि इस एरिया में कितनी अवैध कॉलोनी काटी गई है। कॉलोनी चाहे पुरानी हो लेकिन उसे गलाडा से अप्रूव करना जरूरी है। वीरवार की कार्रवाई में चाहे कुछ खलल डाला गया हो, लेकिन गलाडा अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। इस एरिया में जितनी भी अवैध कॉलोनी बनी है, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।’
संदीप कुमार, एसीए गलाडा