फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फाइनेंस मैनेजर कंपनी के 36.90 लाख रुपये लेकर भागा, केस दर्ज होने के बाद लौटाए 34.10 लाख

विज्ञापन
विज्ञापन
लुधियाना। सड़क निर्माण में नामी कंपनी सिगल का फाइनेंस मैनेजर कंपनी को 36.90 चपत लगाने में कामयाब हो गया। गमाडा से टेंडर के लिए जारी अरनेस्ट मनी अपने निजी खाते में लेकर आरोपी फरार हो गया। जैसे ही कंपनी के एचआर मैनेजर को घपले की भनक मिली, उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपी मैनेजर को कई बार बुलाया, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुआ। खुद को फंसता देख आरोपी ने कंपनी को 34.10 लाख रुपये वापस कर दिए। फिलहाल 2.90 लाख रुपये उसने नहीं लौटाए है। थाना डिवीजन नंबर आठ पुलिस ने आरोपी मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन

सिगल कंपनी के एचआर मैनेजर आशुतोष वर्मा ने पुलिस को शिकायत में बताया कि पुरानी कॉलोनी जलगोरा धनबाद (झारखंड) निवासी अजीत कुमार उनकी कंपनी में बतौर फाइनेंस मैनेजर काम कर रहा था। कंपनी की तरफ से टेंडर डालने से लेकर पूरे फाइनेंस की जिम्मेदारी उसके पास थी। मार्च 2020 में कंपनी ने गमाडा में सड़क बनाने का टेंडर डाला था। अजीत सिंह ने दस्तावेज चेक करने के बाद टेंडर को डाला था। टेंडर के लिए अरनेस्ट मनि 36.90 लाख रुपये जमा करवाने थे। गमाडा की तरफ से शर्त रखी गई थी कि पैसे को एसबीआई बैंक के माध्यम से जमा करवाया जाए।
अजीत सिंह ने कंपनी से पहले अपने खाते में पैसा डाला फिर पैसे को गमाडा के खाते में जमा करवा दिया। इसके बाद टेंडर कंपनी को नहीं मिला, वहीं गमाडा ने पैसा अजीत सिंह के निजी खाते में ट्रांसफर कर दिया। अजीत सिंह ने गमाडा से वापस आए पैसे की कोई जानकारी कंपनी को नहीं दी। आरोपी ने 16 जून 2020 को दस लाख रुपये कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दिए। अक्टूबर के दौरान आरोपी छुट्टी लेकर घर चला गया। कंपनी ऑडिट के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी ने पूरा पैसा नहीं लौटाया है। पुलिस शिकायत के बाद आरोपी कंपनी को 34.10 लाख रुपये लौटा चुका है, अभी 2.90 लाख रुपये लेना बाकी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें