सुबह करीब साढ़े आठ बजे बेहड़े में रहने वाले सभी लोग अपने-अपने काम पर जाने की तैयारी में थे। तभी फैक्टरी से ईंटें गिरने लगी। देखते-देखते सारी फैक्टरी नीचे गिर गई, उसका काफी हिस्सा क्वार्टरों पर जा गिरा। कई क्वाटरों की दीवारें टूट गईं और सामान नीचे दब गया। सात लोग फैक्टरी के मलबे के नीचे आ गए। इसके बाद प्रवासी मजदूरों में भगदड़ मच गई। वह अपने बच्चों को लेकर तुरंत बाहर निकल गए। घायलों को तुरंत इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल दाखिल कराया।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे फैक्टरी मालिकों को लोगों ने पीटा
फैक्टरी गिरने की सूचना मिलते ही मालिक तारा चंद अपने बेटे के साथ मौके पर पहुंच गए। साथ ही क्वार्टरों के मालिक भी वहां पहुंच गए। वहां तारा चंद और क्वार्टर मालिक की कहासुनी हो गई। इसी दौरान फैक्टरी मालिक को मजदूरों ने पीटना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची हुई पुलिस ने बीच बचाव कराया। प्रवासी मजदूरों का कहना है कि जब इमारत क्षतिग्रस्त थी तो उसे गिराया क्यों नहीं। पुलिस फैक्टरी मालिक को वहां से हिरासत में लेकर निकल गई।
लुधियाना जिला कांग्रेस के पूर्व प्रधान जगमोहन शर्मा ने घटनास्थल पर पहुंच कर मेयर बलकार सिंह संधू को फोन कर कहा कि पांच अगस्त को इमारत सील होती है, अगले दिन मालिक सील तोड़ देता है। आखिर नगर निगम की तरफ से लगाई गई सील किसने और किसकी शह पर तोड़ी गई।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
घटनास्थल पर पहुंचे थाना मोती नगर के सब इंस्पेक्टर सुलखन सिंह ने बताया कि सात लोग घायल हुए हैं, उनका नाम अभी पता नहीं चल पाया है। उनकी हालत खतरे से बाहर है। नुकसान की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।