पुलिस की एक टीम को तुरंत कानपुर भेजा गया। वहां आरोपी के पिता जफर आलम ने बिल्ला के कानपुर आने की बात से इंकार किया। उधर छानबीन में पुलिस को पता चला कि आरोपी व उसका साथी वारदात के दौरान जख्मी हो गए थे। पुलिस की टीम दोनों की तलाश में फतेहपुर बिल्ला की सौतेली बहन के घर पहुंची। वहां आरोपी की बहन ने बताया कि दोनों ने उससे मदद मांगी थी, लेकिन उसने मना कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने अपने एक रिश्तेदार अजहर को फतेहपुर में बुलाकर उससे मदद मांगी, लेकिन अजहर ने भी मदद के लिए मना कर दिया। पुलिस की टीम, दिल्ली से कानपुर, आगरा, फतेहपुर और फिर बाराबंकी पहुंची। वहां सीसीटीवी फुटेज की फुटेज से पता चला कि आरोपी बस में दिल्ली के लिए सवार हुए हैं। इसकी सूचना फौरन दिल्ली को दी गई। आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बिल्ला ने बताया कि वह छह साल से दिल्ली में रहकर छोटा-मोटा काम कर रहा था।
यहां एक लड़की से उसकी दोस्ती थी। लॉकडाउन में वह वापस कानपुर लौटा तो गर्लफ्रेंड से उसकी अनबन हो गई। इस बीच मंगोलपुरी के ही सैफ ने उसकी गर्लफ्रेंड से नजदीकियां बढ़ाईं तो इसी बात पर आरोपी ने उसकी हत्या कर दी।