पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अनूप इस गिरोह का किंगपिन है। वह मेरठ में बैठे तस्करों की मदद से अवैध धंधे को चला रहा था। आरोपियों ने मेरठ में दवाओं का गोदाम बना रखा था। जो दवाएं बरामद की हैं, वह डॉक्टर की इजाजत के बिना नहीं दी जा सकतीं। आरोपी अवैध रूप से इन दवाओं को स्टोर कर आगे बेच रहे थे। जहां से दवाएं बरामद हुईं हैं, वहां पुलिस ने मेरठ पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की मदद से चार नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
कूरियर के जरिये भी भेजते थे दवाएं
पुलिस कमिश्नर के अनुसार नशा तस्करी का धंधा हाईटेक तरीके से चल रहा था। अगर कोई तस्कर उनके पास नहीं पहुंचा पाता तो उसे नशे की दवाएं कूरियर के जरिये भेजी जाती थीं। कूरियर ब्वॉय से सेटिंग के बाद बिना चेकिंग के ही कूरियर आगे भेज दिया जाता था। अपने ठिकाने पर पहुंचने के बाद इसकी आगे आपूर्ति की जाती थी। आरोपियों का यह धंधा काफी समय से चल रहा था।
इन लोगों को गिरफ्तार कर किया केस दर्ज
पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने बताया कि इस मामले में कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर केस दर्ज किया है। मेरठ के चार आरोपी पकड़े हैं, जिनमें थाना नोचान गपरु रोड भाबनी नगर निवासी मोहम्मद सादिक, परतापुर के गांव कशा निवासी सूरज प्रकाश उर्फ सुत्तन, ससपीर गेट परूवा अब्दुल वाली गली निवासी फरजान सेठी, छोटी मस्जिद के पास सारे वलिएम निवासी जान सैफी हैं।
एक आरोपी कुलदीप कुमार उर्फ बिजली को रायबरेली के थाना जगतपुर के बाजार दुर्गा पुरी बिजली मार्केट में जेपी इलेक्ट्रिकल से पकड़ा है। अन्य को लुधियाना के विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार किया है, इनमें न्यू विष्णु पुरी निवासी कमलजीत उर्फ कमल, लुधियाना सिविल सिटी के संधू नगर निवासी कुलविंदर कुमार उर्फ बब्बू, हैबोवाल के पवित्र नगर निवासी कर्मजीत सिंह उर्फ प्रिंस, कुंदन पूरी वृंदावन रोड गली नंबर 8 निवासी रमेश कुमार उर्फ बाबुल, हरगोबिंद नगर निवासी गगनदीप, गुरु नानकपुरा निवासी सुमित कुमार, कुंदन पुरी निवासी हरजीत सिंह उर्फ राजिंदर, चंदर नगर निवासी लवलीन शर्मा व हेमंत शामिल हैं।