हॉकी खिलाड़ी सिमरनजीत और रुपिंदर पाल का घर पहुंचने पर स्वागत।
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टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद भारत को पदक दिलाने वाली टीम के नायक सिमरनजीत सिंह और रुपिंदरजीत सिंह जब अपने-अपने घर पहुंचे तो लोग खुशी में झूम उठे। जर्मनी के खिलाफ दो गोल करके भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले बटाला के हॉकी हीरो सिमरनजीत सिंह अपने गांव चाहल कलां पहुंचे तो गांव में पहुंचते ही ढोल की थाप पर फूलों की मालाएं पहना कर सिमरनजीत सिंह का खूबसूरत अंदाज से स्वागत किया गया। वहीं हॉकी टीम के स्टार खिलाड़ी रूपिंदरपाल सिंह के बुधवार के अपने पैतृक शहर फरीदकोट पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।
चाहल कलां में हर कोई अपने देश के इस हीरो हॉकी खिलाड़ी सिमरनजीत को देखना चाहता था। वहीं जैसे ही सिमरनजीत सिंह गांव में पहुंचे और गाड़ी से बाहर निकले तो बहन नवनीत कौर ने अपने भाई का माथा चूम कर खुशी प्रगट की। इस खुशी के अवसर पर विधानसभा हलका श्रीहरगोबिंदपुर के विधायक बलविंदर लाड़ी ने भी शिरकत की। सबसे पहले सिमरजीत सिंह गुरुद्वारा अचल साहिब के दर्शनों के लिए गए और माथा टेका। इसके बाद बटाला पुलिस प्रशासन ने भी सिमरनजीत सिंह का स्वागत किया।
दोनों खिलाड़ियों का वादा-अगली बार गोल्ड जीतेंगे
रुपिंदरपाल के घर में पारिवारिक सदस्यों समेत दोस्त मित्रों व मोहल्ला निवासियों ने उनका स्वागत और सम्मान किया। इस दौरान सभी ने ढोल की थाप पर नाचते गाते हुए खुशी मनाई। रूपिंदरपाल सिंह ने अपना मेडल मां के गले में पहनाया और उनका आशीर्वाद हासिल किया। इस मौके पर उनके माता पिता व भाई ने कहा कि देश के नाम एक नया इतिहास रचने के बाद घर पहुंचे रुपिंदरपाल सिंह ने उनका सिर गर्व से ऊंचा किया है। रूपिंदरपाल सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता को दिया।
सिमरनजीत सिंह ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है कि 41 साल बाद उनकी टीम ने मेडल जीता है। मेहनत करके अगली बार गोल्ड मेडल जीतेंगे। उन्होंने बताया कि हॉकी टीम में फॉरवर्ड पोजिशन पर पंजाबी लड़के ज्यादा थे, जिस कारण पंजाबियों को दूसरी टीमों के खिलाफ गोल करने का मौका ज्यादा मिला है। अपने गांव आने पर बहुत बढ़िया लग रहा है। सिमरनजीत ने कहा कि हर खिलाड़ी का जीवन संघर्ष से भरा होता है, उसके बाद सफलता जरूर मिलती है।
बहन नवनीत कौर ने कहा कि सिमरनजीत के ओलंपिक खेलकर घर वापसी के बाद बहुत बढ़िया लग रहा है, माहौल ऐसा लगा रहा है जैसे सिमरनजीत की शादी हो। सिमरन का शुरू से एक ही लक्ष्य था कि वह ओलंपिक जरूर जीतेगा। उसके भाई सतिंदरजीत सिंह ने कहा कि सिमरनजीत के घर आने पर जश्न का माहौल है। इलाके के लोग भी उसे बधाई देने के लिए पहुंचे हैं। सिमरनजीत के माता-पिता भी यूपी से पहुंचे। वहीं हलका विधायक बलविंदर सिंह लाडी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके हलके के युवा सिमरनीत सिंह ने देश और अपने हलके का नाम रोशन किया है।
रुपिंदरपाल ने कहा कि अब टीम इंडिया का अगला निशाना एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ व उसके बाद वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक हासिल करना रहेगा। इसके बाद जिला खेल विभाग की अगुवाई में शहर के खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और विभिन्न संस्थाओं ने सदस्यों ने रूपिंदरपाल सिंह को साथ लेकर शहर में विजयी जुलूस भी निकाला और उन्होंने ऐतिहासिक गुरुद्वारा टिल्ला बाबा फरीद में पहुंचकर माथा भी टेका।