ब्रह्म मोहिंद्रा, सुखजिंदर सिंह रंधावा।
- फोटो : फाइल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार अमृतसर पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू ने चुप्पी साध रखी और उनके सुरक्षा गार्ड ने मीडिया कर्मियों को सिद्धू के पास फटकने नहीं दिया। हालांकि इस दौरान पंजाब के सहकारिता और जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा के बहाने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा।
रंधावा ने कहा कि सिद्धू को हाईकमान ने पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी है। जो लोग यह नहीं मान रहे, वे सीधे-सीधे पार्टी में अनुशासनहीनता कर रहे हैं। रंधावा ने कहा कि जब वर्ष 2016 में ब्रह्म मोहिंद्रा और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच मनमुटाव था तो एक पुल के तौर पर काम कर दोनों के बीच मतभेद खत्म किया। आज वही मोहिंद्रा कह रहे हैं कि जब तक सिद्धू और कैप्टन के मनमुटाव खत्म नहीं हो जाते, वे सिद्धू से नहीं मिलेंगे। यह पूरी तरह से गलत है और पार्टी में अनुशासनहीनता है।
रंधावा ने जानकारी दी कि नवजोत सिंह सिद्धू ने ब्रह्म मोहिंद्रा को फोन किया। इस दौरान मोहिंद्रा ने तबीयत ठीक न होने की बात कही। तबीयत ठीक होने पर तीन-चार दिनों बाद मिलेंगे। कैप्टन पर पूछे गए सवाल पर रंधावा ने कहा कि कैप्टन ने अगर हाईकमान के आदेशों को ही चुनौती देनी थी तो वे सोनिया और हरीश रावत को पहले स्पष्ट कर देते। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी ने सिद्धू को जिम्मेदारी दी है तो हम सभी को उनके साथ मिलकर चलना चाहिए। इस समय पार्टी में अनुशासन बनाए रखने की सबसे बड़ी जरूरत है।
नवजोत सिंह सिद्धू ने श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका
नवजोत सिंह सिद्धू बुधवार दोपहर श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचे। उनके साथ पंजाब के चार कैबिनेट मंत्रियों के अलावा 58 अन्य विधायक भी मौजूद रहे। सिद्धू दोपहर करीब 1.40 बजे श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे।
जहां पहले से मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। परिक्रमा करने के बाद वे मंत्रियों और कुछ विधायकों के साथ सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचे। जहां उन्होंने वाहेगुरु के सामने माथा टेका और सरबत के भले की अरदास की। वे श्री दरबार साहिब में करीब डेढ़ घंटा रहे और उसके बाद श्री दुर्ग्याणा मंदिर में माथा टेकने पहुंचे।