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शहादत को सलाम: सर्द मौसम में जोश हाई...शहीद अनिल तोमर के अंतिम संस्कार में लगे भारत मां के जयकारे

Wed, 30 Dec 2020 01:44 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला
सर्द मौसम में भी लोगों का जोश हाई था। अपने जांबाज को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग आए थे। मेडिकल कॉलेज से सिसौली गांव तक ट्रैक्टर ट्राली की लाइन लगी थी। अंतिम संस्कार स्थल पर जाने के लिए लोग एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में थे। भारत मां के जयकारों से आसमान गूंज रहा था।

 
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martyred anil tomar - फोटो : अमर उजाला
लोगों ने इन पलों को आने मोबाइल में कैद किया। बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिला सभी शहीद की अंतिम विदाई के समय इस गमगीन हो गया। परिजनों के मुताबिक पार्थिव शरीर को दोपहर तीन बजे तक गांव पहुंचना था, लेकिन श्रीनगर में मौसम खराब होने के चलते वायुयान उड़ नहीं सका। जिसके बाद शाम लगभग छह बजे अनिल तोमर का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचा। इसके बाद वहां से मेरठ स्थित सिसौली गांव लाया गया। लगभग दस बजे उनका पार्थिव शरीर गांव में प्रवेश किया।

सैन्य अधिकारियों, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी की उपस्थिति में अंतिम संस्कार हुआ। इससे पहले सुबह के समय जिलाधिकारी के. बालाजी ने गांवों में तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी।

 
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सलामी देते जवान - फोटो : अमर उजाला
छतों पर उमड़ पड़ी भीड़
शहीद के अंतिम दर्शन के लिए घरों की छतों पर भीड़ लग गई। लोग शहीद को अंतिम सलामी देने के लिए बेताब नजर आए। युवाओं ने अनिल तोमर की तरह देश की सेवा का प्रण लिया। अंतिम संस्कार स्थल पर खड़े युवा अनिल के इस बलिदान को कभी न भूल पाने का पल बता रहे थे।

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martyred anil tomar - फोटो : अमर उजाला
गांव के कई अन्य युवा भी हैं सेना में
इस गांव के कई युवा सेना में हैं। अन्य युवा भी सेना में जाने की तैयारी कर रहे हैं। युवाओं का कहना था कि देश के लिए अपने प्राण भी न्यौछावर करने पड़ेंगे तो वो भी करने के लिए हम तैयार हैं। अंतिम संस्कार स्थल पर मौजूद कपिल का कहना था कि पहले देशसेवा उसके बाद परिवार है। आज हमारे भइया ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए हैं। इससे बड़ा बलिदान देश सेवा के लिए और कुछ नहीं हो सकता है।

 
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विलाप करते शहीद के परिजन - फोटो : अमर उजाला
‘पोता भी करेगा देश की सेवा, बनाऊंगा सेना में अधिकारी’
मेरठ। पिता अनिल तोमर ने जिस तरह से आतंकियों को कराया जवाब दिया है। उसी तरह पोता लक्ष्य भी दुश्मनों को चित कर देगा। ऐसा कहना था शहीद अनिल तोमर के पिता भोपाल सिंह तोमर का। उन्होंने कहा कि पोता लक्ष्य भी करेगा देश की सेवा। इसे सेना में अधिकारी बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। अब तो ठान लिया है कि अनिल का बदला लक्ष्य ही दुश्मनों को मारकर लेगा।

 
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martyred anil tomar - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतिनिधि के रूप में कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने शहीद के पिता को पचास लाख रुपये का चेक सौंपा। सांसद राजेंद्र अग्रवाल, किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक सड़क का नामकरण शहीद के नाम पर किया जाएगा।
 
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विलाप करते शहीद के परिजन - फोटो : अमर उजाला
शोक में बाजार रहा बंद
मेरठ-गढ़ मार्ग पर मौजूद सिसौली गांव का बाजार बंद रहा। सभी ने शहीद अनिल तोमर को अंतिम सलामी देकर देश सेवा में अपने प्राण बलिदान करने पर गर्व किया। सुबह से शाम तक बाजार में सन्नाटा छाया रहा। रात के समय मेरठ-गढ़ मार्ग को पार्थिव शरीर के आने से लगभग आधे घंटे पहले बंद कर दिया गया। 9.30 बजे मेरठ-गढ़ मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया। मेरठ और गढ़ की तरफ से आने वाले वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई। अनिल तोमर का अंतिम संस्कार मेरठ-गढ़ मार्ग पर ही मौजूद खेत में किया गया।
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