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किसान आंदोलन: महापंचायत के लिए पश्चिमी यूपी के किसानों को दिल्ली कूच जारी, यूपी गेट पर दिखा हुजूम

Thu, 03 Dec 2020 01:12 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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किसान आंदोलन - फोटो : अमर उजाला
नए कृषि कानून के विरोध में दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए पश्चिमी यूपी के किसानों के दिल्ली कूच का सिलसिला जारी है। गुरुवार को भी मेरठ, शामली बागपत समेत कई जिलों के किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर दिल्ली कूच किया।

भारतीय किसान यूनियन के कई नेता व किसान कार्यकर्ता पहले से ही आंदोलन में डेरा डाले हुए हैं। वहीं रालोद भी इस आंदोलन में कूद गया है। आज होने वाली महापंचायत में शामिल होने के लिए सैकड़ों की संख्या में किसान यूपी गेट व गाजीपुर बॉर्डर पर जमा हो गए हैं। देखें तस्वीरें-
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दिल्ली बॉर्डर पर जमा हुआ हुजूम - फोटो : अमर उजाला
यूपी गेट पर आज प्रस्तावित किसान महापंचायत के लिए बुधवार को मेरठ के सैकड़ों किसान कूच कर गए। उनका कहना है कि वे सफलता हासिल किए बिना नहीं लौटेंगे। बता दें कि तीन कृषि बिलों के विरोध में हरियाणा, पंजाब और यूपी के किसानों ने दिल्ली घेर रखी है।

भाकियू ने गाजीपुर बार्डर स्थित यूपी गेट पर डेरा डाल रखा है। वहीं, गुरुवार को किसान महापंचायत आहूत की है। इसके चलते बुधवार को सैकड़ों किसान कूच कर गए। संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी ने बताया कि ईकड़ी, दबथुआ, करनावल, सरूरपुर, बहादरपुर, जिटौली, नंगलाताशी, दौराला आदि गांवों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में यूपी गेट के लिए रवाना हो गए है। 
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दिल्ली कूच करते किसान - फोटो : अमर उजाला
किसान आंदोलन को पूर्व सैनिकों को भी मिला समर्थन
भारतीय किसान आंदोलन और गंगाजल बिरादरी ने आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में कमिश्नरी पर प्रदर्शन किया। इसके बाद जुलूस ईव्ज चौराहा होते हुए तेजगढ़ी चौराहा एवं बिजली बंबा बाईपास होते हुए दिल्ली रोड के लिए रवाना हुआ। वहीं आंदोलन को पूर्व सैनिकों ने भी जायज ठहराया है।

सैनिकों के साथ साथ चिकित्सक, वकील, शिक्षाविद्, छात्र, व्यापारी और समाजसेवियों ने सहयोग किया। गंगाजल बिरादरी के संयोजक सेवानिवृत्त मेजर डॉ. हिमांशु ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों के लिए विनाशकारी हैं।

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दिल्ली बॉर्डर पर डटे भाकियू नेता - फोटो : अमर उजाला
किसानों ने आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया
शामली जनपद में किसान यूनियन की ग्राम कुरमाली में हुई पंचायत में किसानों से दिल्ली कूच करने का आह्वान किया गया। किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने बताया कि किसान बड़ी संख्या में बुधवार को दिल्ली रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि खाप चौधरियों ने भी किसान आंदोलन को समर्थन दिया है। उनके नेतृत्व में किसान यूनियन के साथ किसान दिल्ली जाएंगे। 
 
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दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसान - फोटो : अमर उजाला
खादर के किसानों का दिल्ली कूच
दिल्ली सीमा पर चल रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए जिले के किसानों के जाने का सिलसिला जारी है। बुधवार को खादर क्षेत्र के किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियों में आंदोलन में शामिल होने के लिए कूच किया। उधर, भाकियू के कई नेता पहले से ही आंदोलन में डेरा डाले हुए हैं। 
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खेत में काम करती महिला और उनकी बेटी - फोटो : अमर उजाला
पिता और भाई ने दिल्ली में, बेटियों ने खेत में संभाला मोर्चा
किसान कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में संघर्ष कर रहे हैं। वहीं एक परिवार की बेटियों ने खेत में मोर्चा संभाल रखा है। दौराला ब्लॉक के गांव बफावत निवासी जसवीर कई दिन से दो बेटे राजा व विशु के साथ भाकियू आंदोलन में शामिल होने यूपी गेट गए हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में खेती का काम उनकी पत्नी मिथलेश और दो बेटियां निशु व मानसी संभाल रही हैं। निशु देहरादून कॉलेज में एमपीएड की छात्रा है। वहीं, मानसी ने पिछले साल मल्हू सिंह इंटर कॉलेज से कक्षा 12 की परीक्षा पास की है।

इनका कहना है कि घर के मुखिया आंदोलन में गए हैं। आजकल गन्ने की छिलाई, गेहूं की बुआई एवं आलू की सिंचाई का समय चल रहा है। इसलिए यह समय फसलों के लिए बहुत अहम है। ऐसे में जरा भी चूके तो फसलें चौपट हो जाएंगी। इसके चलते उन्होंने अपनी मां के साथ खेत में मोर्चा संभाल लिया है। दोनों बहनें ट्रैक्टर से खेतों की जुताई और फसलों की सिंचाई कर रही हैं। उनका कहना है कि पिता और भाई को बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है तो उनकी मदद करना परिजनों का दायित्व है। 
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farmers protest, किसान आंदोलन - फोटो : अमर उजाला
 डूंडाहेड़ा में भाकियू ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम किया
गाजियाबाद बॉर्डर पर डूंडाहेड़ा में भारतीय किसान यूनियन ने जाम लगाया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बागपत के भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा कि काले कानून को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार अपनी मनमानी पर उतारू है। किसान हितों की अनदेखी की जा रही है। भाकियू कार्यकर्ता जिले भर से यूपी गेट पर होने वाली महापंचायत में शामिल होने के लिए रवाना हुए हैं।
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