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PHOTOS: आज इस हाल में जी रहा 'बैंडिट क्वीन' फूलन देवी का परिवार

Fri, 05 Jan 2018 08:49 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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फूलन देवी का परिवार, फूलन की पुरानी तस्वीर
छोटी सी जिंदगी में इस औरत ने तमाम दुख झेले। यही वजह थी यूपी के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाली ये औरत पूरी दुनिया में चर्चित हो गई। हम बात कर रहे हैं दस्यु सुंदरी फूलन देवी की। जिसने 14 फरवरी के दिन 20 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, बदला लेने के बाद यह महिला अपने जैसे तमाम महिलाअाें के लिए मसीहा बन गई। जुर्म की दुनिया छाेड़कर लाेगाें ने इसे संसद तक पहुंचाया। लेकिन आज फूलन का परिवार ऐसी गरीबी की जिंदगी जी रहा है जिसे देखकर हर किसी की आंखों में आंसू आ जाएं। फूलन पर रिसर्च कर रहे इंग्लैंड के प्रोफेसर की बातें सुनकर फूलन की मां का गुस्सा फूट पड़ा। प्रोफेसर ने उनकी हालत समझी और उन्हें कुछ आर्थिक मदद देकर ढांढस बंधाया।  


 
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फूलन देवी के परिवार की कहानी

पूर्व दस्यु सुंदरी फूलन देवी की जीवनी से प्रभावित होकर यूनिवर्सिटी आफ इंस्टागिलियर इंग्लैंड से रिटायर्ड गणित प्रोफेसर मुकुल लाल मंगलवार को फूलन के गांव शेखपुर गुढ़ा स्थित घर पर पहुंचे। फूलन की जिदंगी के बारे में उनकी मां से जानकारी चाही तो उन्होंने दुर्व्यवहार कर दिया था। फूलन की मां मुला देवी ने अपशब्द कहकर मुकुल को पत्थर लेकर दौड़ाया। प्रोफेसर फिर भी नहीं माने। उसके बाद फूलन की बहन रामकली से मुलाकात कर फूलन देवी के दस्यु से लेकर सांसद तक के सफर को जाना और आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

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फूलन देवी पर रिसर्च करने वाले ब्रिटिश प्रोफेसर

इंग्लैंड निवासी मुकुल लाल गांव में पुलिस सुरक्षा में पहुंचे थे। प्रोफेसर ने बताया कि उन्होंने फूलन देवी पर लिखी गई किताबों तथा समाचार पत्रों के माध्यम से पूर्व दस्यु सुंदरी के बारे में जानकारियां एकत्रित की हैं और इसको लेकर वह एक शोध कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से वह फूलन देवी के गांव आए हैं। कभी जिस फूलन का नाम सुनते ही लोग कांप उठते थे आज उसी की मां दाने-दाने को तरस रही है। एक समय ऐसा था जब फूलन की एक आवाज पर लोगों के घरों में अनाज पहुंच जाता था, भू्खों के पेट भरते थे। आज उसी की मां को भूखी रह रही है। यही नहीं लोग डकैत की मां कहकर ताने देते हैं। ये हाल है फूलन की मां मूला देवी का। बेटी के जाने के बाद वो किस तरह की जिंदगी जी रही है। इस स्टोरी से आपको जानने को मिल जाएगा। 

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फूलन देवी का पहला पति पुत्तीलाल

फूलन की शादी ग्यारह साल की उम्र में हुई थी लेकिन उनके पति पुत्तीलाल और पुत्तीलाल के परिवार ने उन्हें छोड़ दिया था। फूलन देवी के पहले पति पुत्ती लाल की उम्र करीब 75 साल है।पुत्तीलाल काफी वृद्ध हो चुके हैं और उन्हें ठीक से नहीं याद है कि किस साल में उनकी शादी फूलन देवी से हुई थी। पुत्तीलाल के मुताबिक सत्तर के दशक के आसपास उनकी शादी हुई थी। कुछ सालों तक फूलन देवी उनके साथ रहीं। पुत्तीलाल ने कहा कि अब बीहड़ों में पहले जैसी दहशत नहीं रहती। एक समय था जब फूलन देवी के नाम से पूरा इलाका थर्राता था। फूलन देवी मायके से ही डकैत बनकर आई थी।  

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फूलन देवी के पति उम्मेद सिंह पुरानी फोटो

फूलन के दूसरे पति उमेद सिंह का नाम सक्रिय राजनीति‍ में आता है। हालांकि वे कहते हैं कि वे सिर्फ एकलव्य सेना का काम ही आगे बढ़ाना चाहेंगे। इसलि‍ए वो अपनी पत्नी फूलन देवी द्वारा संगठित एकलव्य सेना के कामकाज पर ही ध्यान दे रहे हैं। बताते चलें कि‍ उमेद सिंह अब दिल्ली में रहते हैं। उन्होंने पिछला चुनाव मायावती की पार्टी बीएसपी से लड़ा था और अभी भी उसके सदस्य हैं। उनका कहना है कि वे पार्टी नेतृत्व के आदेश पर ही पार्टी का काम भी देखते हैं।

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फूलन देवी के परिवार की कहानी

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का छोटा सा गांव गुढ़ा का पुरवा में एक कच्चे, खिन्न-भिन्न हो चुके झोपड़ीनुमा घर में फूलन की मां मूला देवी (75) रहती है। साथ में उसकी बहन रामकली और रामकली का बेटा भी रहता है। ठीक से बात कर पाना भी मूला के वश में नहीं रहा। बुढ़ापे के कारण अब जुबान साफ जवाब दे पाने में सक्षम नहीं रही और सोचने समझने की क्षमता भी कम हो गई है। इसलिए कुछ भी पूछने पर वो गांव के ही कुछ लोगों द्वारा कब्जाई गई जमीन के बारे में बताने लगती हैं।  
 

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फूलन देवी का परिवार, फूलन की पुरानी तस्वीर
पिछले कई सालों से वह दो वक्त के खाने को भी तरस रही है। कुछ समाजसेवी संगठन के लोग चावल, आटा, दाल आदि दे जाते हैं। इसी से गुजारा चल रहा है। पुलिस पूछताछ के नाम पर टॉर्चर करती थी। जब बेटी सांसद बनी, तब भी फूलन की मां इसी हाल में रही।
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