दिवाली के अगले दिन होने वाली गोवर्धन पूजा सूर्यग्रहण की वजह से आज यानि 26 अक्तूबर को मनाई जा रही है। मालूम हो कि 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण था, जिसकी वजह से गोवर्धन पूजा नहीं की जा सकती थी। इसीलिए मंगलवार की जगह बुधवार को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाएगा।
बता दें घरों में लोगों ने विधि विधान के साथ पूजन किया। सुबह उठकर पहले स्नान किया। इसके बाद गाय के गोबर से गोवर्धन बनाएं और उनकी पूजा अर्चना की। घरों में लोगों ने अन्नकूट की सब्जी बनाकर प्रसाद खाया। आज के दिन लोग गोवर्धन बनाने के बाद भगवान श्री कृष्ण , गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा अर्चना करते हैं।
मान्यता है कि गोवर्धन पूजा के दिन भगवान श्री कृष्ण को 56 या 108 तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है। लोगों ने सबसे पहले गोवर्धन पर रोली व चावल चढ़ाएं फिर खीर बतासे चढ़ाएं, फूल चढ़ाने के बाद दीपक जलाकर गोवर्धन की आरती उतारी।